रांची: राजधानी रांची अब केवल झारखंड की प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि अपनी विश्वस्तरीय सड़कों और सुव्यवस्थित यातायात के लिए भी जानी जाएगी। मुख्यमंत्री के विजन और नगर निगम प्रशासक के निर्देश पर रांची में “डेडिकेटेड रोड मैनेजमेंट टीम (DRMT)” का गठन किया गया है। अब शहर की सड़कों पर काम का बंटवारा नहीं बल्कि जवाबदेही का निर्धारण होगा। इस नई व्यवस्था का मूल मंत्र है— “एक टीम – एक जिम्मेदारी”।
Highlights:
दरअसल अब तक सड़कों के रखरखाव के लिए अलग-अलग विभाग (सफाई, बिजली, जलापूर्ति, निर्माण) अलग-अलग काम करते थे, जिससे समन्वय की कमी रहती थी, नई व्यवस्था में इसे बदल दिया गया है। नई व्यवस्था पहले चरण में 10 प्रमुख सड़कों के लिए 10 अलग टीमें बनाई गई हैं। हर सड़क के लिए एक सहायक अभियंता को नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। इस टीम में सफाई, उद्यान, अतिक्रमण, जलापूर्ति और विज्ञापन विभाग के कर्मी एक साथ काम करेंगे। साथ ही हर हफ्ते कार्यों की समीक्षा होगी, जिसमें लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।
इन 10 प्रमुख सड़कों की बदलेगी व्यवस्था
नगर निगम ने प्रथम चरण में शहर की सबसे अधिक यातायात वाली इन 10 प्रमुख सड़कों को चुना है जिनमें वीआईपी मूवमेंट सबसे ज्यादा होता है:
- कचहरी चौक से राजेन्द्र चौक (अलबर्ट एक्का, सरजना व सुजाता चौक सहित)
- राजेन्द्र चौक से बिरसा चौक (हिनू चौक सहित)
- कचहरी चौक से पिस्का मोड़ (रातू रोड चौक सहित)
- रातू रोड चौक से अरगोड़ा चौक (सहजानंद चौक सहित)
- रातू रोड चौक से कांके हॉस्पिटल रोड
- कचहरी चौक से डंगरा टोली चौक (लालपुर चौक सहित)
- कचहरी चौक से बूटी मोड़ (करमटोली व मेडिकल चौक सहित)
- मोरहाबादी-राजभवन लूप रोड (प्रेस क्लब व मछली घर मार्ग सहित)
- सरजना चौक से लोवाडीह चौक (कांटा टोली व मिशन चौक सहित)
- अलबर्ट एक्का चौक से कोकर चौक (लालपुर व प्लाजा चौक सहित)
DRMT के जिम्मे क्या-क्या होगा?
यह टीम केवल सड़क की मरम्मत नहीं करेगी, बल्कि सड़क से जुड़े हर पहलू का ख्याल रखेगी। जिसमें निम्नलिखित व्यवस्था शामिल है:
- स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर: गड्ढों की तुरंत मरम्मत, ज़ेब्रा क्रॉसिंग, दिव्यांग-अनुकूल रैंप और ‘लेफ्ट-फ्री’ टर्न।
- अतिक्रमण पर लगाम: फुटपाथों को खाली कराना और ‘नो-वेंडिंग ज़ोन’ का कड़ाई से पालन।
- स्वच्छता और सौंदर्यीकरण: मैकेनाइज्ड स्वीपिंग, वर्टिकल गार्डन, थीम-आधारित पेंटिंग और अवैध होर्डिंग से मुक्ति।
- सुविधाएं: जलजमाव का स्थायी समाधान, मैनहोल के ढक्कन, चालू स्ट्रीट लाइट्स और साफ-सुथरे सार्वजनिक शौचालय।
- हाई-टेक निगरानी: ड्रोन कैमरों से अतिक्रमण, गड्ढों और कचरे की मॉनिटरिंग की जाएगी।
नागरिकों के लिए क्या बदलेगा?
इस योजना के लागू होने से रांचीवासियों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति, सुरक्षित फुटपाथ, बेहतर लाइटिंग और तेज़ शिकायत निवारण जैसी सुविधाएं मिलेंगी। अब किसी भी समस्या के लिए आपको 10 दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे, सड़क के नोडल अधिकारी ही उसके लिए जिम्मेदार होंगे।
वहीं रांची नगर निगम के प्रशासक ने इस पहल को शहर के जीवन स्तर को बेहतर बनाने वाला कदम बताया है। उन्होंने कहा कि “हमारा उद्देश्य केवल सड़क बनाना नहीं, बल्कि उन्हें रोज़ संभालना और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाना है। इस जवाबदेही तय करने वाली व्यवस्था से छोटी समस्याओं का भी समय पर समाधान होगा।”


