इस्लामाबाद: अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा कथित एयरस्ट्राइक किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव तेजी से बढ़ गया है। तालिबान के एक वरिष्ठ अधिकारी के प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान ऐसे हमले जारी रखता है तो उसके बड़े शहरों को निशाना बनाया जा सकता है। इस बयान के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।
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पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक के बाद तालिबान की चेतावनी
रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान के बल्ख प्रांत के तालिबान गवर्नर के प्रवक्ता हाजी जाहिद ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान में हवाई हमले जारी रहते हैं तो पाकिस्तान के बड़े शहरों को निशाना बनाया जा सकता है। हाजी जाहिद ने विशेष रूप से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद, कराची और क्वेटा जैसे प्रमुख शहरों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे हमलों का जवाब दिया जाएगा।
अफगानिस्तान में कई इलाकों पर हमले का आरोप
तालिबान प्रशासन का आरोप है कि पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान के कई क्षेत्रों में हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में राजधानी काबुल और कंधार सहित कुछ अन्य इलाकों को भी निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि इन हमलों को लेकर पाकिस्तान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
हाजी युसूफ के प्रवक्ता हैं हाजी जाहिद
हाजी जाहिद, तालिबान नेता हाजी युसूफ के प्रवक्ता हैं। हाजी युसूफ को तालिबान के शीर्ष नेता हैबतुल्ला अखुंदजादा का करीबी माना जाता है। बताया जाता है कि उत्तरी अफगानिस्तान के क्षेत्रों में उनका प्रभाव काफी मजबूत है।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा क्षेत्र लंबे समय से विवाद और सैन्य झड़पों का केंद्र रहा है। दोनों देश अक्सर एक-दूसरे पर सीमा पार हमलों और उग्रवादी संगठनों को समर्थन देने के आरोप लगाते रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद अविश्वास को और बढ़ा सकती हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
तालिबान की इस चेतावनी के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई और तीखी बयानबाजी इसी तरह जारी रही तो इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है। फिलहाल पाकिस्तान की ओर से तालिबान के इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जरूरी होगी, ताकि तनाव को और बढ़ने से रोका जा सके।



