रांची: 14 महीने से जेल में बंद निलंबित IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे को शुक्रवार को बड़ी राहत मिली, जब हज़ारीबाग़ भूमि घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है. विनय कुमार चौबे ने अपनी जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. विनय चौबे की जमानत अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर 12 में जस्टिस अरविन्द कुमार और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच में विनय कुमार चौबे की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई।
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बता दें कि विनय चौबे पर आरोप है कि हज़ारीबाग़ के उपायुक्त रहने के दौरान सरकारी संरक्षण वाली ज़मीन के आवंटन और म्यूटेशन में अनियमितताएँ हुईं। इसी मामले में एसीबी ने पिछले साल केस दर्ज किया था और उसके बाद से वे जेल में बंद हैं। इसी साल 28 अप्रैल को झारखंड हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद विनय चौबे ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल कर बेल की गुहार लगाई थी.
हजारीबाग भूमि घोटाला मामले में एसीबी में कांड संख्या 11/2025 दर्ज है. इस केस में विनय कुमार चौबे के अलावा उनके करीबी व नेक्सजेन के मालिक विनय सिंह, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह, हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन सीओ शैलेश कुमार और विजय सिंह समेत 73 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है. सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के बाद अब विनय चौबे 14 महीने बाद जेल से बाहर आ सकते हैं क्योंकि जो चार मामले उनके खिलाफ दर्ज हैं, उसमें से तीन में उन्हें पहले ही बेल मिल चुकी है.


