नई दिल्ली : बिहार के भोजपुर में पिछले महीने हुए कथित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया है. जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को पटना हाईकोर्ट जाने की सलाह दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट में उपलब्ध कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करने के बाद ही शीर्ष अदालत में मामला लाया जा सकता है.
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सुप्रीम कोर्ट आने का विकल्प अंतिम
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद कोई महत्वपूर्ण कानूनी मुद्दा बचता है, तो आगे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जा सकता है. दरअसल भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में प्रिया मिश्रा ने याचिका दाखिल करते हुए मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज के जरिए एक स्वतंत्र समिति से कराने की मांग की थी. याचिका में कथित एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और घटना के समय मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच की भी मांग की गई थी.
पूर्व में सुनवाई से इंकार
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने भरत भूषण तिवारी मामले में पूर्व में दायर एक याचिका पर सुनवाई से इनकार कर चुका है. अधिवक्ता विशाल तिवारी की ओर से दायर याचिका में कथित एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की गई थी. उस समय भी अदालत ने याचिकाकर्ता को पहले पटना हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी.

