देश : भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान का झूठ एक बार फिर सबके सामने आ गया है। पाकिस्तान ने श्रीलंका को लेकर एक बहुत बड़ी अफवाह फैलाई थी, जिसका मकसद दुनिया की नजरों में भारत की इज्जत खराब करना था, लेकिन ऐसा करने में पाकिस्तान बुरी तरह अपनी ही जाल में फंस गया। गरीबी और भुखमरी से निकलने के बाद अभी भी पाकिस्तान अपनी झूठ बोलने की हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत के खिलाफ झूठ बोलकर दुनिया के सामने भारत देश को बदनाम करने की कोशिश की है, लेकिन भारत ने पाकिस्तान की चाल को बखूबी समझते हुए तुरंत ही उसे दुनिया के सामने चंद ही घंटों में एक्सपोज कर दिया।
दरअसल, श्रीलंका में इस समय चल रहे चक्रवात दितवाह के कारण तबाही मची हुई है। भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका में अब तक 334 लोग इस साइक्लोन के कारण कई लोग अपनी जान गंवा चुके है। ऐसे कंडीशन में भारत बड़े स्तर पर श्रीलंका के लिए मदद भेज रहा है। भारत ने अपने पड़ोसी देश श्रीलंका के लिए स्पेशल ऑपरेशन सागर बंधु भी लॉन्च कर दिया है। ऐसे में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ एक झूठी खबर फैलाने की कोशिश की।
पाकिस्तान ने अपनी लोकल मीडिया की मदद से ये खबर फैलाना शुरू कर दिया था कि उन्होंने श्रीलंका के लिए मदद लेकर एक फ्लाइट भेजी है, जिसे भारत ने अपने एयरस्पेस से उड़ने की मंजूरी नहीं दे रहा था। ये आरोप सामने आने के बाद भारत सरकार तुरंत एक्टिव हो गई और आधिकारिक बयान देकर यह स्पष्ट किया कि पाकिस्तान की मदद वाली फ्लाइट को तुरंत मंजूरी दे दी गई।
भारतीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान ने सोमवार के लगभग 1 बजे भारतीय एयरस्पेस के ऊपर से उड़ान भरने की रिक्वेस्ट भेजी थी। इस अपील से उसी दिन भारतीय एयरस्पेस के ऊपर से उड़ान भरने की इजाजत मांगी गई थी। रिक्वेस्ट भेजने का मकसद श्रीलंका को मानवीय मदद देना बताया गया, जिसे देखते हुए भारत ने तेजी से रिक्वेस्ट की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।पाकिस्तान की रिक्वेस्ट मिलने के कुछ ही घंटों बाद करीब शाम के 5.30 बजे ऑफिशियली परमिशन दी गई और पाकिस्तान सरकार को ऑफिशियल चैनल के जरिए इसकी जानकारी दी गई। इस दौरान चार घंटे के नोटिस पीरियड में क्लियरेंस प्रोसेस कर दिया गया। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि यह क्लियरेंस पूरी तरह से इंसानियत के नाते दिया गया था, जबकि पाकिस्तान ने इंडियन एयरलाइंस के अपने एयरस्पेस इस्तेमाल करने पर बैन लगा रखा था।


