Thursday, November 5, 2026

शरद पूर्णिमा 2025: जानें क्यों खास है खीर और मां लक्ष्मी की पूजा का महत्व

धर्म :  इस साल शरद पूर्णिमा 6 अक्टूबर 2025, सोमवार को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि होती है। इस दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है और वर्ष की सबसे उजली रात मानी जाती है।

मां लक्ष्मी की पूजा का महत्व

शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है – कौन जाग रहा है?
पौराणिक मान्यता के अनुसार, इस रात देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और उन लोगों को आशीर्वाद देती हैं जो रातभर जागकर उनकी पूजा करते हैं। समुद्र मंथन की कथा के अनुसार, मां लक्ष्मी का प्राकट्य भी इसी दिन हुआ था, इसलिए यह दिन विशेष रूप से लक्ष्मी उपासना के लिए शुभ माना गया है।

खीर का विशेष महत्व

शरद पूर्णिमा की रात खीर बनाने और उसे चांदनी में रखने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। ऐसा माना जाता है कि चांदनी में रखी खीर में औषधीय और दिव्य गुण समा जाते हैं। इस खीर का सेवन अगले दिन सुबह किया जाता है, जिससे स्वास्थ्य लाभ और ऊर्जा की वृद्धि होती है। मान्यता है कि यह खीर सर्दी-जुकाम और श्वसन रोगों में भी लाभकारी होती है।

पूजा विधि और रात्रि जागरण

इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा सायंकाल के बाद की जाती है। पूजा में धान की बाली, गुड़, ईख, नारियल और खीर का विशेष महत्व होता है। कई स्थानों पर भक्त जागरण करते हैं, क्योंकि माना जाता है कि जो व्यक्ति पूरी रात जगकर मां लक्ष्मी का ध्यान करता है, उसे धन और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। बंगाल और उत्तर भारत के कई हिस्सों में लक्ष्मी पूजा अत्यंत श्रद्धा के साथ की जाती है।

चंद्रमा की रोशनी और स्वास्थ्य लाभ

शरद ऋतु की यह पूर्णिमा जब चंद्रमा अपनी पूरी रोशनी बिखेरता है, तो उसकी किरणें शरीर को ठंडक और मन को शांति प्रदान करती हैं। इसी कारण से लोग खुले आसमान के नीचे बैठकर ध्यान करते हैं या खीर को चांदनी में रखते हैं। शरद पूर्णिमा सिर्फ धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह आध्यात्मिक, स्वास्थ्य और समृद्धि का संगम है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा, चंद्रमा का दर्शन और चांदनी में रखी खीर का सेवन – तीनों ही जीवन में शांति, सौभाग्य और संतुलन लाते हैं।

एयर नाऊ स्पेशल

Ramayana Movie Review: Nitesh Tiwari की 4000 करोड़ की...

Ramayana Movie Review: रामायण की कहानी हममें से ज्यादातर लोगों ने बचपन से सुनी है. राम कौन हैं, रावण कौन है, सीता का हरण...
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe

ट्रेंडिंग ख़बर