Monday, September 14, 2026

त्योहारों पर बिहार लौटने की होड़ : पटना के लिए फ्लाइट टिकट ₹30 हजार तक, ट्रेन में वेटिंग 100 के पार

बिहार : बिहार का व्यक्ति चाहे देश के किसी भी कोने में क्यों न रहता हो (दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु या फिर कोई और बड़ा शहर) छठ महापर्व पर घर लौटने की भावना सबसे प्रबल होती है। हर साल की तरह इस बार भी दीपावली और छठ पूजा पर बिहार आने वालों की भीड़ में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। ट्रेनों में सीटें फुल हैं, फ्लाइट टिकट की कीमत ₹30 हजार तक पहुंच गई है और बसों में भी बुकिंग तेज़ी से हो रही है।

इस बार दीपावली 20 अक्टूबर और छठ पूजा 27 अक्टूबर को है। त्योहारों के दौरान अपने घर और परिवार के साथ समय बिताने की चाह में हजारों लोग देशभर से बिहार लौट रहे हैं। इसका सीधा असर हवाई और रेल यातायात पर पड़ा है।

फ्लाइट टिकट ₹30 हजार तक पहुंचा किराया

त्योहारी सीजन में हवाई टिकटों की कीमतों में बड़ा इज़ाफा हुआ है। आम दिनों में दिल्ली से पटना का टिकट जहां लगभग ₹5,000 होता है, वहीं अब यह ₹18,000 से ₹30,000 तक पहुंच गया है।

  • दिल्ली से पटना: ₹18,000 से ₹30,000
  • मुंबई से पटना: ₹20,000 से अधिक
  • सामान्य किराया: ₹5,000 (आम दिनों में)

त्योहारों के बढ़ते दबाव को देखते हुए IndiGo, Air India, Air India Express और SpiceJet ने पटना के लिए 200 अतिरिक्त उड़ानों की घोषणा की है। इसके बावजूद टिकट की कीमत में कोई बड़ी कमी नहीं आई है क्योंकि मांग बहुत अधिक है।

ट्रेनें फुल- वेटिंग लिस्ट 100 के पार

ट्रेन बिहारियों के लिए घर वापसी का सबसे लोकप्रिय साधन है। इस बार भी ट्रेन टिकट के लिए लंबी कतारें और लंबी वेटिंग लिस्ट देखने को मिल रही है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, रांची, सिलीगुड़ी समेत बड़े शहरों से आने वाली नियमित ट्रेनों में कोई सीट खाली नहीं है। रेलवे ने पटना के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। कई ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 100 से ज्यादा पहुंच गई है। त्योहारों के दौरान ट्रेन टिकट बुक करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। जो लोग महीनों पहले टिकट बुक कर चुके थे, उन्हें ही कन्फर्म सीट मिली है। बाकी यात्रियों के लिए बस सेवा या महंगी फ्लाइट ही विकल्प बचा है।

बसों में टिकट आसानी से, पर सफर लंबा

फ्लाइट और ट्रेन में सीट न मिलने की स्थिति में लोग बस सेवा की ओर रुख कर रहे हैं। दिल्ली, सिलीगुड़ी, अंबाला, कोलकाता, रांची, गुरुग्राम और उत्तर प्रदेश के कई शहरों से पटना के लिए बसें चलाई जा रही हैं।

  • दिल्ली से पटना की दूरी सड़क मार्ग से लगभग 1061 किलोमीटर है।
  • बस से यह सफर 18 से 23 घंटे में पूरा होता है।
  • फिलहाल बसों में टिकट उपलब्ध हैं।

हालांकि बस यात्रा में समय ज्यादा लगता है, लेकिन जिन लोगों को अंतिम समय में टिकट नहीं मिला है, उनके लिए यह सबसे बड़ा विकल्प बनकर उभरा है।

दिल्ली से पटना आने के विकल्प

दिल्ली और आसपास के राज्यों में रहने वाले लाखों बिहारी त्योहारों में घर लौटना चाहते हैं। उनके पास ये तीन विकल्प हैं:

  • फ्लाइट – सबसे तेज़, लेकिन टिकट महंगे।
  • ट्रेन – सुविधाजनक, पर वेटिंग लंबी।
  • बस – सस्ता और उपलब्ध, पर सफर लंबा।

दिल्ली से पटना आने के लिए अधिकतर लोग ट्रेन का विकल्प चुनते हैं, लेकिन इस बार टिकट न मिलने की वजह से बसों में भीड़ बढ़ी है।

मुंबई से पटना लौटने के विकल्प

मुंबई से बिहार लौटना अपेक्षाकृत लंबी यात्रा है। यहां से पटना तक की दूरी 1747 किलोमीटर है।

  • फ्लाइट: सबसे तेज़, 2.5 से 3 घंटे में पटना पहुंच सकते हैं।
  • ट्रेन: सफर में 26 से 42 घंटे तक का समय लगता है।
  • बस: दूरी अधिक होने के कारण कम पसंद किया जाता है।

मुंबई से फ्लाइट टिकट की कीमत ₹20,000 से अधिक पहुंच चुकी है। ट्रेन की वेटिंग लिस्ट भी लंबी है।

यात्रियों को दी गई सलाह

त्योहारों के इस भीड़भाड़ भरे सीजन में रेलवे और एयरलाइंस ने यात्रियों से अपील की है कि वे टिकट पहले से बुक करें और यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें।

  • टिकट समय से पहले बुक करें।
  • भीड़ को देखते हुए स्टेशन या एयरपोर्ट समय से पहले पहुंचे।
  • अनधिकृत एजेंटों से टिकट न खरीदें।
  • पहचान पत्र और जरूरी दस्तावेज साथ रखें।

छठ की घर वापसी का उत्साह कम नहीं

छठ महापर्व बिहारियों के लिए सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि अपनी मिट्टी और संस्कृति से जुड़ाव का प्रतीक है। हर साल की तरह इस साल भी दिल्ली, मुंबई और देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले लोग अपने घर लौटने को लेकर बेहद उत्साहित हैं।

ट्रेन और फ्लाइट की सीटें भले ही फुल हों, टिकट की कीमतें भले आसमान छू रही हों, लेकिन घर लौटने का उत्साह कम नहीं हुआ है। बसों में भीड़ और स्टेशनों पर उमड़ती भीड़ इस बात का सबूत है कि छठ पर घर लौटना हर बिहारी का सपना होता है।

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

Big Breaking News: एक करोड़ का इनामी नक्सली मिशिर...

रांची: झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है. प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और...
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर