रांची : झारखंड सरकार के गृह एवं कारा विभाग ने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में तैनात कक्षपाल राहुल कश्यप को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है. दरअसल मामला दुष्कर्म के आरोप में सजायाफ्ता होने और जेल जाने के तथ्य को छुपाकर नौकरी पाने से जुड़ा हुआ है. राहुल कश्यप पर लगे आरोपों की पुष्टि मामले की जांच के दौरान हुई थी जिसके बाद अब राहुल कश्यप को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है. गृह एवं कारा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सेवा से बर्खास्त होने के बाद राहुल कश्यप को किसी तरह का भुगतान अब नहीं किया जाएगा.
Highlights:
क्या है मामला
दरअसल 26 सितंबर 2010 को राहुल कश्यप के खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं के तहत खूंटी थाना में कांड संख्या 103/2010 मामला दर्ज हुआ था. इस मामले में सुनवाई के बाद खूंटी कोर्ट ने राहुल को दस साल की सजा और सात हजार रूपए का जुर्माना लगाया था. कोर्ट के फैसले के बाद राहुल कश्यप ने 22 अप्रैल 2014 से 28 अप्रैल 2014 तक खूंटी उपकारा में अपनी सजा काटी, उसके बाद 29 अप्रैल 2014 को उसे रांची के होटवार जेल में स्थानांतरित कर दिया गया.
बाद में 18 सितंबर 2014 को राहुल को हाईकोर्ट से जमानत मिली और वह जेल से बाहर आया. साल 2017 में कक्षपाल की बहाली के विज्ञापन आने के बाद राहुल ने कक्षपाल की नौकरी हासिल कर ली. हालांकि नौकरी के आवेदन में राहुल ने अपने सजायाफ्ता होने की बात का जिक्र नहीं किया ता, जिसे गृह एवं कारा विभाग ने सेवा नियमावली का गंभीर उल्लंघन माना गया. नौकरी मिलने पर राहुल कश्यप रांची के होटवार जेल में उच्च कक्षपाल के पद पर भी रहा.
तीन सदस्यीय जांच कमिटी
बाद में मामला संज्ञान में आने के बाद गृह एवं कारा विभाग ने तीन सदस्यीय कमिटी गठित कर मामले में जांच शुरू की. तीन सदस्यीय जांच कमिटी ने अपनी जांच के क्रम में राहुल कश्यप पर लगे आरोपों को सही पाया और उसे बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई थी. जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही अब गृह एवं कारा विभाग ने राहुल कश्यप को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है.


