नई दिल्ली : दिल्ली के स्कूलों में शिक्षा पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। जल्द ही बच्चों को ‘राष्ट्रनीति’ का नया विषय पढ़ाया जाएगा। इसके तहत छात्रों को भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय मूल्य, समाज में संगठनों की भूमिका और राष्ट्र निर्माण में RSS के योगदान के बारे में जानकारी दी जाएगी।
शिक्षा विभाग ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों में राष्ट्रीय चेतना, सामाजिक जिम्मेदारी और देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देना है। पाठ्यक्रम में यह नया विषय बच्चों को यह समझाने पर भी केंद्रित होगा कि कैसे भारतीय समाज में विभिन्न आंदोलनों और संगठनों ने समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया।
RSS पर अध्याय
नई शिक्षा नीति के तहत RSS के इतिहास और उसके योगदान पर भी अध्याय शामिल किया जाएगा। इसमें बच्चों को बताया जाएगा कि RSS की स्थापना कब हुई, इसके उद्देश्य क्या हैं और समाज में इसके योगदान का महत्व क्या रहा है। पाठ्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि RSS किस प्रकार से सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है।
राष्ट्रीय संस्कृति और राष्ट्रवाद
‘राष्ट्रनीति’ विषय में छात्रों को भारतीय संस्कृति, परंपराएं और नागरिक जिम्मेदारियों के बारे में पढ़ाया जाएगा। इसमें बच्चों को यह समझाया जाएगा कि समाज में अनुशासन, सेवा भावना और देशभक्ति का क्या महत्व है। इस तरह यह विषय न केवल शिक्षा का हिस्सा होगा, बल्कि बच्चों के सामाजिक और नैतिक विकास में भी योगदान देगा।
लागू होने का समय
हालांकि शिक्षा विभाग ने पाठ्यक्रम को जल्द लागू करने की योजना बनाई है, लेकिन अभी तक इसकी अंतिम तारीख तय नहीं हुई है। यह नए विषय सभी सरकारी स्कूलों और कई निजी स्कूलों में शामिल किया जाएगा।
संभावित प्रभाव
छात्रों में राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी बढ़ेगी। बच्चों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं का ज्ञान मिलेगा। RSS और अन्य संगठनों के सकारात्मक योगदान को समझने का अवसर मिलेगा।


