रांची: रांची जिला प्रशासन ने भैरव सिंह के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ क्राइम एक्ट (CCA) के तहत जारी हिरासत आदेश को वापस ले लिया है। उपायुक्त कार्यालय की विधि शाखा द्वारा तीन फरवरी को जारी आधिकारिक आदेश में भैरव सिंह की हिरासत को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया।
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दिसंबर 2025 में जारी आदेश
जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन ने झारखंड अपराध नियंत्रण अधिनियम 2002 की धारा 12(2) के तहत भैरव सिंह को समाज के लिए खतरा बताते हुए 01 दिसंबर 2025 को हिरासत में लेने का आदेश जारी किया था। इस संबंध में आदेश संख्या–15 निर्गत किया गया था। भैरव सिंह, स्वर्गीय सरोज सिंह के पुत्र हैं और रांची के लेक रोड, डेलीमार्केट इलाके के निवासी हैं।
हिरासत को बताया अनुचित
CCA के तहत की गई कार्रवाई की समीक्षा नियमानुसार परामर्शी परिषद (Advisory Board) द्वारा की जाती है।
22 दिसंबर को हुई बोर्ड की बैठक में भैरव सिंह के मामले की विस्तार से समीक्षा की गई। परिषद ने प्रशासन द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और हिरासत के आधारों का अध्ययन करने के बाद यह स्पष्ट रूप से कहा कि भैरव सिंह को निरुद्ध रखने के लिए पर्याप्त और ठोस आधार नहीं बनता है। इसके बाद परिषद ने हिरासत समाप्त करने की सिफारिश की।
इसी दौरान भैरव सिंह की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में हिरासत के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। यह याचिका W.P.(Cr.) No.–808 of 2025 (DB) के तहत दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट ने इस मामले में 07 जनवरी 2026 को अपना फैसला सुनाया। अदालत के रुख और एडवाइजरी बोर्ड की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने हिरासत आदेश को वापस लेने का निर्णय लिया।
आदेश संख्या-15 पूरी तरह निरस्त
हाईकोर्ट के निर्देश और परामर्शी परिषद की राय के आधार पर रांची जिला प्रशासन ने औपचारिक आदेश जारी करते हुए भैरव सिंह के खिलाफ पूर्व में जारी हिरासत आदेश संख्या–15 को पूरी तरह रद्द कर दिया है। इसके साथ ही CCA के तहत की गई कार्रवाई समाप्त मानी जाएगी। हिरासत आदेश रद्द होने के बाद भैरव सिंह के समर्थकों में राहत की भावना देखी जा रही है। वहीं इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई अलग से बयान जारी नहीं किया गया है।


