रांची: भाजपा प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा ने झामुमो द्वारा केंद्र की शिक्षा व्यवस्था पर उठाए गए सवाल को भ्रामक और राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ऐसे उपदेश झाड़ रहा है मानो शिक्षा जगत में उसने क्रांतिकारी बदलाव लाया है। सच्चाई यह है कि केंद्र ने नहीं बल्कि झारखंड सरकार ने छात्रों और नौजवानों का भविष्य अंधकारमय करके छोड़ दिया है।
इसे भी पढ़ें : सीबीएसई चेयरमैन और सेक्रेटरी के तबादले पर बोले विपक्षी नेता राहुल गांधी, केजरीवाल और सीजेपी के अभिजीत दीपके
प्रदेश महामंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी को लेकर बेहद संवेदनशील है। मोदी सरकार भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करती है। नीट परीक्षा में अनियमितताओं और धांधली की खबरों के सामने आते ही केंद्र सरकार ने तुरंत संज्ञान लिया और इस मामले को सीबीआई जांच को सौंप दिया।
वहीं CBSC के दो दो बड़े अधिकारियों को हटाया गया। परंतु झारखंड सरकार को दूसरे पर आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। राज्य में जेपीएससी, JSSC CGL सहित अन्य कोई भी एक परीक्षा, विवाद और पेपर लीक के बगैर संपन्न कराने में राज्य सरकार सफल नहीं हुई। उत्पाद सिपाही परीक्षा मामले में कई नौजवानों की जान चली गई। इस पर हेमंत सोरेन सरकार ने क्या किया? इस मुद्दे पर राज्य सरकार की जुबां क्यों सील जाती है।
प्रदेश महामंत्री ने कहा कि विपक्ष का सारा आरोप तथ्यहीन, भ्रामक और राजनीतिक प्रोपेगैंडा के सिवाय कुछ नहीं है। केंद्र सरकार किसी दोषी को बख्शने वाली नहीं है। राज्य सरकार को उपदेश देने की बजाय केंद्र सरकार से सीखनी चाहिए।


