Tuesday, July 21, 2026

अगस्त में भव्य झारखंड आदिवासी महोत्सव-2026 की तैयारी, 700 ड्रोन शो व 5 किमी लंबी सांस्कृतिक परेड होंगे मुख्य आकर्षण

रांची: झारखंड की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला, इतिहास और विरासत को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से राजधानी रांची में अगस्त माह में दो दिवसीय झारखंड आदिवासी महोत्सव-2026 का आयोजन किया जाएगा। मोरहाबादी मैदान अथवा समकक्ष बड़े स्थल पर प्रस्तावित इस महोत्सव में पारंपरिक संस्कृति के साथ आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

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700 ड्रोन का भव्य शो

महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 700 से अधिक सिंक्रोनाइज्ड ड्रोन का भव्य एरियल शो होगा। लगभग 20 मिनट तक चलने वाले इस शो में संगीत और वॉयस-ओवर के साथ झारखंड के महान जनजातीय वीरों के इतिहास और उनके योगदान को आसमान में आकर्षक आकृतियों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही पर्यावरण अनुकूल ग्रीन आतिशबाजी भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेगी।

नई पीढ़ी को जनजातीय संस्कृति से जोड़ने के लिए 40 फीट लंबी इमर्सिव डिजिटल टनल, इंटरएक्टिव फ्लोर प्रोजेक्शन, आधुनिक 5D इमर्सिव थिएटर तथा एआई आधारित 3डी चैटबॉट की व्यवस्था की जाएगी। चैटबॉट कई भाषाओं में आगंतुकों को राज्य की जनजातीय विरासत, पर्यटन स्थलों और कार्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध कराएगा।

‘दिशोम गुरु’ डिजिटल ट्रिब्यूट वॉल

महोत्सव में ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन के जीवन और योगदान पर आधारित डिजिटल ट्रिब्यूट वॉल भी स्थापित की जाएगी, जहां आगंतुक डिजिटल पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दे सकेंगे। इसके अलावा ऑनलाइन ट्रिब्यूट पोर्टल भी विकसित किया जाएगा।

5 किमी लंबी ‘जतरा’ सांस्कृतिक परेड

आयोजन के दौरान रांची शहर में लगभग 5 किलोमीटर लंबी ‘जात्रा’ सांस्कृतिक परेड निकाली जाएगी, जिसमें जनजातीय संस्कृति पर आधारित भव्य झांकियां, लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां और पारंपरिक कला से सजी सड़कें आकर्षण का केंद्र होंगी।

महोत्सव में 100 से अधिक स्टॉलों वाला विशाल ट्राइबल हाट, हस्तशिल्प एवं हथकरघा प्रदर्शनी, ट्राइबल फैशन शो, देश-विदेश के 500 से अधिक लोक कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, रॉक बैंड नाइट, डिजिटल स्वतंत्रता सेनानी गैलरी, जनजातीय फिल्म महोत्सव और लाइव पॉडकास्ट स्टूडियो भी स्थापित किए जाएंगे।

आयोजकों के अनुसार, यह महोत्सव झारखंड की जनजातीय विरासत, पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

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एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
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