रांची : झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राज्य पुलिस के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। रांची पुलिस ने ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय पर छापेमारी की और दो अधिकारियों के खिलाफ मारपीट का एफआईआर दर्ज किया। ईडी ने इसे जांच में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप बताते हुए झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें एफआईआर रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग की गई है। आज हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने ईडी को राहत देते हुए पुलिस की किसी भी कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
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ईडी की प्रतिक्रिया
इससे पहले गुरूवार 15 जनवरी की सुबह रांची पुलिस की टीम ईडी के एयरपोर्ट रोड कार्यालय पहुंची। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जब्त की और दस्तावेजों की जांच की। ईडी ने पुलिस कार्रवाई को “प्रत्यक्ष हस्तक्षेप” बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में एफआईआर रद्द करने और मामले की सीबीआई जांच की मांग की गई है। ईडी का कहना है कि राज्य पुलिस जांच में बाधा डाल रही है, जो जल आपूर्ति व अन्य मामलों को प्रभावित कर सकती है।
यह कार्रवाई पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पूर्व कर्मचारी संतोष कुमार की शिकायत पर हुई, जिन पर 2.71 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप है और ईडी जांच कर रही है। संतोष कुमार ने 12 जनवरी को एयरपोर्ट थाने में एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर प्रतीक और असिस्टेंट शुभम पर पूछताछ के दौरान मारपीट, गाली-गलौज और धमकी का आरोप लगाया गया है। ईडी का दावा है कि कुमार ने खुद को चोट पहुंचाई, ताकि अधिकारियों को फंसाया जा सके। ईडी ने कोई चोट नहीं पहुंचाई है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
पूरे विवाद में भाजपा-झामुमो आमने-सामने दिखाई दे रही है। आरोप प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। हाई कोर्ट पर निगाहें टिकी है। बाबूलाल मरांडी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ईडी कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत हैं। पुलिस कार्रवाई के बहाने सबूतों से छेड़छाड़ या नष्ट करने की आशंका है। उन्होंने लिखा, “झारखंड को बंगाल नहीं बनने देंगे। भ्रष्टाचार की सजा जरूर मिलेगी।” मरांडी ने पीएमओ और गृह मंत्रालय से केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की।
निशिकांत दुबे ने एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की तर्ज पर झारखंड सरकार ने ईडी कार्यालय को घेर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी कार्यालय में मुख्यमंत्री और पुलिस से जुड़े हजारों करोड़ के भ्रष्टाचार मामलों के महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, आशंका है कि पुलिस कार्रवाई की आड़ में साक्ष्यों से छेड़छाड़ की जा सकती है या ईमानदार अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा सकता है। दुबे ने लिखा, “हेमंत जी, कान खोलकर सुन लीजिए… झारखंड को बंगाल नहीं बनने देंगे। आपको भ्रष्टाचार की सजा जरूर मिलेगी।” उन्होंने पीएमओ और गृह मंत्रालय से ईडी कार्यालय पर केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की।


