दिल्ली : दिल्ली में हुए कार धमाके के बाद जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब जांच एजेंसियों ने एक लाल रंग की फोर्ड इको स्पोर्ट कार (नंबर DL10CK0458) की तलाश में दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अलर्ट जारी किया है। पता चला है कि इस कार का इस्तेमाल धमाके में शामिल आतंकियों ने किया था। इससे पहले हुंडई i20 कार में ब्लास्ट हुआ था, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई थी। धमाका सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास हुआ था।
Highlights:
पीएम मोदी ने घायलों से की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार दोपहर भूटान दौरे से लौटने के बाद सीधे LNJP अस्पताल पहुंचे। उन्होंने धमाके में घायल लोगों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। पीएम ने X (ट्विटर) पर लिखा साजिश रचने वालों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। मोदी करीब आधा घंटा अस्पताल में रहे, इसके बाद उन्होंने कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति (CCS) की बैठक बुलाई। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह धमाके से जुड़ी जांच की पूरी जानकारी देंगे।

26/11 जैसी साजिश की तैयारी
जांच एजेंसियों को शक है कि यह 26/11 जैसा बड़ा आतंकी हमला करने की साजिश थी। सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों का प्लान दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद में एक साथ 200 बम (IEDs) लगाने का था। उनके निशाने पर लाल किला, इंडिया गेट, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब और गौरी शंकर मंदिर जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल थे। इसके अलावा देशभर के रेलवे स्टेशन और बड़े मॉल्स भी आतंकियों के निशाने पर थे।
साजिश जनवरी से चल रही थी
खुफिया सूत्रों के मुताबिक, यह साजिश जनवरी 2025 से ही तैयार की जा रही थी। आतंकी मॉड्यूल का संबंध पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से है। इस नेटवर्क में कश्मीर के पुलवामा, शोपियां और अनंतनाग के कई डॉक्टर शामिल थे, जिन्हें उनकी पहचान और पेशे का फायदा उठाकर देशभर में घूमने की आज़ादी थी।

धमाके में इस्तेमाल कार और संदिग्ध
धमाके में इस्तेमाल हुई सफेद हुंडई i20 कार फरीदाबाद के सेकेंड-हैंड कार शोरूम रॉयल कार जोन से खरीदी गई थी। शोरूम के मालिक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। अब पुलिस उसी नेटवर्क से जुड़ी लाल फोर्ड इको स्पोर्ट कार की तलाश कर रही है, जिसमें भी विस्फोटक होने की आशंका है।
डॉक्टर उमर की मौत और DNA जांच
धमाके के दौरान कार चला रहा डॉ. उमर मौके पर ही मारा गया। पुलिस ने उसकी मां का DNA सैंपल लिया है ताकि धमाके के बाद मिले शव के टुकड़ों से उसकी पहचान की जा सके। जांच के लिए सैंपल AIIMS की फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।
एक और संदिग्ध डॉक्टर फरार
दिल्ली पुलिस को डॉ. निसार-उल-हसन की भी तलाश है, जो फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर थे। वह ब्लास्ट के बाद से लापता हैं। जानकारी के मुताबिक, निसार पर 2023 में आतंकियों से संबंध होने के आरोप लगे थे और उसे कश्मीर के एक अस्पताल से बर्खास्त किया गया था।
जांच में मिला विस्फोटक का सुराग
जांच टीम ने धमाके वाली जगह से 40 से अधिक सैंपल जुटाए हैं। शुरुआती जांच में एक सैंपल में अमोनियम नाइट्रेट होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह सुसाइड कार बमिंग जैसा हमला नहीं था, क्योंकि कार ने किसी इमारत या टारगेट को नहीं टक्कर मारी।
फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर डॉ. भूपिंदर कौर ने कहा कि कैंपस में किसी तरह का विस्फोटक या केमिकल लाने की बात पूरी तरह गलत है। जांच एजेंसियों को हम हर संभव सहयोग दे रहे हैं।
Also Read : मतगणना से पहले सीएम नीतीश कुमार ने की जीत की कामना, महावीर मंदिर में पूजा-अर्चना तो मजार पर चढ़ाई चादर
पूरे NCR में हाई अलर्ट
दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। महत्वपूर्ण स्थानों जैसे मेट्रो स्टेशन, धार्मिक स्थल और मॉल्स पर डॉग स्क्वाड और बम डिस्पोजल टीम तैनात की गई है। पुलिस ने लोगों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत देने की अपील की है।


