नई दिल्ली : संसद का विशेष सत्र आज गुरुवार से शुरू हो गया. मोदी सरकार ने लोकसभा में पेश करने के लिए तीन बिलों की सूची जारी की है. इनका मकसद 2029 तक महिलाओं के लिए आरक्षण कानून को लागू करना और लोकसभा की सदस्य संख्या को बढ़ाकर 850 तक करना है. केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में परिसीमन बिल पेश कर दिया है. बिल के लोकसभा में पेश करते ही कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने बिल का विरोध किया तो सदन में हंगामा शुरू हो गया.
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माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान
संसद में पेश होने वाले संविधान संशोधन विधेयक समेत तीन बिलों को लेकर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा- ‘आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है. हमारी माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं.’ व्युच्छन्ती हि रश्मिभिर्विश्वमाभासि रोचनम्। ता त्वामुषर्वसूयवो गीर्भिः कण्वा अहूषत॥
विधेयक नहीं, तरीके पर आपत्तिः मल्लिकार्जुन खड़गे
इधर कांग्रेस के अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विधेयकों को लेकर कहा- वे विधेयक के सिद्धांत के पक्ष में हैं, लेकिन सरकार के तरीके पर गंभीर आपत्ति जताई. खड़गे ने आरोप लगाया कि ये प्रक्रिया राजनीति से प्रेरित है और विपक्ष को दबाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने दोहराया कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसके प्रस्तुतिकरण और लागू करने के तरीके पर सवाल उठा रहा है. खड़गे ने कहा कि हम संसद में एकजुट होकर लड़ेंगे. हमने तय किया है कि इस विधेयक और इसके संशोधनों के खिलाफ सामूहिक रूप से आवाज उठाएंगे.


