Thursday, July 23, 2026

गाजा में शांति की पहल : “पीस बोर्ड” में आठ इस्लामी देशों की भागीदारी

डेस्क : इजराइल-गाजा संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त करने की दिशा में अमेरिका ने एक अहम कदम उठाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘गाजा पीस बोर्ड’ का गठन किया है, जिसका उद्देश्य गाजा में स्थायी युद्धविराम, पुनर्निर्माण और दीर्घकालिक शांति स्थापित करना है। इस पहल के तहत अमेरिका ने दुनियाभर के देशों को बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण भेजा था, जिसे आठ प्रमुख इस्लामी देशों ने स्वीकार कर लिया है।

इन देशों ने किया समर्थन

बुधवार को जारी एक संयुक्त बयान में कतर, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रियों ने गाजा पीस बोर्ड में शामिल होने के निर्णय की औपचारिक घोषणा की। बयान में कहा गया कि सभी देश अपने-अपने कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के अनुसार बोर्ड में शामिल होने से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करेंगे। गौरतलब है कि मिस्र, पाकिस्तान और यूएई पहले ही इस पहल में शामिल होने की घोषणा कर चुके हैं।

संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव से जुड़ी पहल

इस्लामी देशों के विदेश मंत्रियों ने ट्रंप के नेतृत्व में गाजा पीस प्लान के प्रयासों का समर्थन दोहराते हुए कहा कि यह बोर्ड संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संकल्प 2803 के अनुरूप एक संक्रमणकालीन प्रशासन के रूप में कार्य करेगा। इसका मकसद गाजा में स्थिरता बहाल करना और संघर्ष के बाद की चुनौतियों से निपटना है।

क्या है गाजा पीस बोर्ड का उद्देश्य?

गाजा पीस बोर्ड का मुख्य उद्देश्य स्थायी युद्धविराम को मजबूत करना, गाजा के पुनर्निर्माण का समर्थन करना और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत फिलिस्तीनी लोगों के आत्मनिर्णय और स्वतंत्र राज्य के अधिकार को आगे बढ़ाना है। साथ ही, यह पहल क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता, निवेश आकर्षण, वित्तपोषण और शासन क्षमता के निर्माण पर भी ध्यान केंद्रित करेगी।
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, गाजा पीस बोर्ड का ऐलान इजराइल और हमास के बीच हुए नाजुक युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण का हिस्सा है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि यह पहल पश्चिम एशिया में शांति और विकास के लिए एक नई दिशा तय कर सकती है।

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एयर नाऊ स्पेशल

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