पटना: बिहार की राजनीति में पार्टी टूट की चर्चा के बीच राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) ने बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया है। पार्टी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कई अहम पदों पर नए नेताओं की नियुक्ति की है। दिनारा से विधायक आलोक सिंह को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। इस फैसले को पार्टी में चल रही नाराजगी को दूर करने की कोशिश माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि हाल ही में पटना में हुई बैठक में संगठन को मजबूत करने और नेतृत्व संतुलन बनाए रखने पर चर्चा हुई थी। इसी बैठक के बाद आलोक सिंह के नाम पर सहमति बनी।
Highlights:
दो नेताओं को बनाया गया कार्यकारी अध्यक्ष
पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के लिए दो नेताओं को प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। जेसमें प्रशांत पंकज और सुभाष चंद्रवंशी का नाम है। इसके अलावा हिमांशु पटेल को प्रदेश प्रधान महासचिव और मदन चौधरी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी में पिछले कुछ समय से नाराजगी की खबरें सामने आ रही थीं। बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 4 सीटें जीती थीं, लेकिन इनमें से 3 विधायकों के नाराज होने की चर्चा थी। चौथी विधायक उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता कुशवाहा हैं। ऐसे में संगठन में बदलाव को पार्टी के अंदर एकजुटता बनाए रखने की रणनीति माना जा रहा है।
दिल्ली में हुई थी विधायकों की बैठक
सूत्रों के अनुसार नाराज विधायकों की एक बैठक दिल्ली में भी हुई थी। इसके बाद पार्टी में टूट की संभावना की चर्चा तेज हो गई थी। बताया जा रहा था कि पार्टी के 4 में से 3 विधायक किसी भी समय पार्टी छोड़ सकते हैं। पार्टी के अंदर नेतृत्व संतुलन बनाने की कोशिश साफ नजर आ रही है। माधव आनंद पहले से ही विधानसभा में RLM विधायक दल के नेता हैं, जबकि स्नेहलता कुशवाहा पार्टी की सचेतक हैं। अब आलोक सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर संगठन में संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।
जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की कोशिश
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला रणनीतिक रूप से भी अहम है। आलोक सिंह शाहाबाद क्षेत्र से आते हैं और इस क्षेत्र में पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। साथ ही इसे जातीय संतुलन साधने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। उपेंद्र कुशवाहा कुशवाहा समाज के लिए और आलोक सिंह राजपूत समाज के लिए। इस समीकरण के जरिए पार्टी अपने सामाजिक आधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। 2025 बिहार विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश सरकार में उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाए जाने के बाद पार्टी में नाराजगी बढ़ गई थी। इसके बाद से ही पार्टी के तीन विधायक नाराज बताए जा रहे थे। RLM में किया गया यह संगठनात्मक बदलाव पार्टी को एकजुट रखने और भविष्य की राजनीति को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।


