महाराष्ट्र : देश की राजनीति में एक बार फिर धर्म और संविधान को लेकर बहस तेज हो गई है। असदुद्दीन ओवैसी के एक बयान ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। ओवैसी ने कहा है कि आने वाले समय में एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। उनके इस बयान पर भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
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सोलापुर की सभा में दिया बयान
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के सोलापुर में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि आज जो पार्टियां देश में मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैला रही हैं, उनकी राजनीति ज्यादा दिन नहीं चलने वाली। ओवैसी ने कहा कि नफरत की जगह जब प्यार आम होगा, तब लोगों को समझ आएगा कि उनके दिमाग में किस तरह जहर भरा गया था।
पाकिस्तान के संविधान का दिया उदाहरण
ओवैसी ने अपने भाषण में पाकिस्तान के संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि वहां सिर्फ एक धर्म के व्यक्ति को ही प्रधानमंत्री बनने की अनुमति है, लेकिन भारत का संविधान ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान के अनुसार कोई भी भारतीय नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बन सकता है, चाहे वह किसी भी धर्म से क्यों न हो।
भाजपा मंत्री नितेश राणे का पलटवार
ओवैसी के इस बयान पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ओवैसी हिंदू राष्ट्र में इस तरह के बयान नहीं दे सकते। राणे ने कहा कि जो लोग ऐसे पदों पर बैठना चाहते हैं, उन्हें इस्लामिक देशों में जाना चाहिए। उन्होंने विवादित भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि वे ओवैसी और हिजाब-बुर्का पहनने वालों को यहां से भगा देंगे।
BJP प्रवक्ता का जवाब
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी ओवैसी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संविधान किसी को प्रधानमंत्री बनने से नहीं रोकता, लेकिन ओवैसी को पहले यह साबित करना चाहिए कि वे खुद क्या कर रहे हैं। पूनावाला ने चुनौती देते हुए कहा कि पहले ओवैसी किसी पसमांदा मुस्लिम या हिजाब पहनने वाली महिला को AIMIM का अध्यक्ष बनाएं।
असम के सीएम का बयान
इस विवाद में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार कोई भी प्रधानमंत्री बन सकता है और इस पर कोई कानूनी रोक नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारत एक हिंदू राष्ट्र और हिंदू सभ्यता वाला देश है और उन्हें भरोसा है कि देश का प्रधानमंत्री हमेशा हिंदू ही होगा। ओवैसी के बयान के बाद देश की राजनीति में एक बार फिर धर्म, संविधान और लोकतंत्र को लेकर बहस छिड़ गई है। जहां AIMIM इसे समान अधिकार और संविधान की भावना से जोड़ रही है, वहीं भाजपा नेता इसे देश की सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देख रहे हैं। आने वाले दिनों में इस बयान पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।


