न्यूज डेस्क: पश्चिम बंगाल की राजनीति ने देशभर की सियासी गलियारों में हलचल मचा दिया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ भवानीपुर पर बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी ने 15 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल कर एक नया इतिहास बना डाला है. इस बीच जीत में सबसे ज्यादा चर्चा राजस्थान बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व के मंत्री राजेंद्र राठौड़ का हो रहा है. सुवेंदु आधिकारी ने खुलकर इस महाविजय का श्रेय राठौड़ और उनके साथ पहुंचे राजस्थान के 8 विधायकों को दिया.
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राजेंद्र राठौर के दी बधाई
भवानीपुर की इस जीत के बाद सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि यह चुनावी जीत रणनीति और संगठन की ताकत का परिणाम है. राजस्थान के नेताओं ने जिस तरह से बूथ स्तर पर काम किया, उससे चुनाव का रुक पूरी तरह से बदल गया. राजेंद्र राठौर के नेतृत्व में राजस्थान के 8 विधायकों की टीम ने माइक्रो मैनेजमेंट किया, जिससे बीजेपी के पक्ष में माहौल तैयार कर दिया.
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जहां कमजोर थी पार्टी वहीं जीत
राजेंद्र ने लगभग 2 महीने तक भवानीपुर में लगातार डेरा जमाए रखा था. जिससे उन्होंने बूथ जीता, चुनाव जीता की रणनीति को जमीन पर उतारते हुए पन्ना प्रमुखों से लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं तक अपनी हर स्तर पर पकड़ मजबूत की. इस बीच खास बात यह रही कि उन्होंने मारवाड़ी और हिंदी भाषी वोटर्स के बीच गहरी पैठ बनाई, जो इस सीट पर निर्णायक की भूमिका निभाते है. इस रणनीति के असर से बीजेपी को उन इलाकों में बढ़त मिली, जहां पार्टी पहले कमजोर मानी जाती थी.
एकजुटता और मेहनत का परिणाम
यह जीत राजेंद्र राठौड़ के लिए बेहद अहम रही क्योंकि हाल के राजस्थान विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, जिससे उनके राजनीतिक करियर के लिए एक बड़ा झटका था. इसी हार को पीछे छोड़ने के लिए उन्होंने बंगाल में खुद को पूरी तरह से झोंक दिया. इस वजह से पार्टी ने चुनौतीपूर्ण सीट भवानीपुर की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी जिसमें वे पूरी तरह से भरोसे पर खरे उतरे. जिसपर उन्होंने कहा कि यह सफलता संगठन की एकजुटता और मेहनत का परिणाम है.


