Tuesday, September 15, 2026

OBC छात्रवृति के लिए रांची में NSUI का आक्रोश मार्च, नेताओं ने केंद्र पर साधा निशाना

रांची: झारखंड के ओबीसी (OBC) छात्र-छात्राओं की लंबित छात्रवृत्ति को लेकर शनिवार को राजधानी रांची की सड़कों पर जबरदस्त सियासी गहमागहमी देखने को मिली। कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक विशाल आक्रोश मार्च निकाला। यह मार्च मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से शुरू होकर लोकभवन (पूर्व में राजभवन) की ओर बढ़ा, जिसे पुलिस ने जाकिर हुसैन पार्क के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान छात्रों के साथ-साथ झारखंड सरकार के कद्दावर मंत्रियों और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी हुंकार भरी।

लंबित छात्रवृत्ति के लिए केंद्र सरकार को ठहराया दोषी

NSUI के प्रदेश अध्यक्ष विनय उरांव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला करते हुए चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में केंद्र ने ओबीसी छात्रवृत्ति के अपने अंशदान में भारी कटौती की है, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। विनय उरांव ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में 271 करोड़ की जगह केंद्र की सरकार ने महज 77 करोड़ राज्य सरकार को दिया, इसी तरह 2024-25 में 254 करोड़ की जगह महज 33 करोड़ और वित्तीय वर्ष 2025-26 में 371 करोड़ की जगह महज 13 करोड़ की राशि केंद्र सरकार ने अपनी तरफ से दी है। उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज से आनेवाले छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही है और उनका भविष्य खराब हो रहा है। साथ ही कहा कि केंद्र की ओबीसी और खासकर छात्र विरोधी नीति के विरोध में आज राज्यभर के छात्र-छात्राएं झंडे-बैनर के साथ सड़क पर हैं।  उन्होंने कहा कि हम पढ़ने-लिखने वाले युवा हैं. हमारी मांग सिर्फ यह है कि केंद्र सरकार राज्य के ओबीसी छात्र-छात्राओं को उनका हक दे दें, अन्यथा कांग्रेस की छात्र इकाई जोरदार आंदोलन करेगा।

‘पिछड़ा और आदिवासी होना क्या अपराध है?’ – डॉ. इरफान अंसारी

प्रदर्शन में शामिल हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने केंद्र सरकार की नीतियों को ‘छात्र विरोधी’ करार दिया। उन्होंने आक्रोशित लहजे में कहा, “मोदी सरकार में अल्पसंख्यक, आदिवासी और ओबीसी के अधिकारों को कुचला जा रहा है। मैं पूछना चाहता हूँ कि क्या इस देश में पिछड़ा या आदिवासी होना अपराध है? अगर राज्य के छात्रों को उनका हक नहीं मिला, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। जरूरत पड़ी तो झारखंड के युवा दिल्ली कूच करेंगे और संसद भवन के सामने प्रदर्शन करेंगे।”

दोहरा चरित्र नहीं चलेगा- केशव महतो कमलेश

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि केंद्र सरकार झारखंड के प्रति ‘दोहरा चरित्र’ अपना रही है। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस और NSUI इस लड़ाई को अंतिम अंजाम तक ले जाएंगे। वहीं, कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने भी छात्रों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि यह शिक्षा के अधिकार की लड़ाई है।

वहीं कांग्रेस नेता डॉ. एम तौसीफ ने स्पष्ट किया कि जब तक एक-एक ओबीसी छात्र के खाते में छात्रवृत्ति की राशि नहीं पहुँच जाती, तब तक यह आंदोलन थमेगा नहीं। इस आक्रोश मार्च में काँग्रेस के नेता और मंत्री समेत हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए और जाकिर हुसैन पार्क के पास घंटों तक नारेबाजी की, जिससे यातायात भी प्रभावित रहा।

 

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एयर नाऊ स्पेशल

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