Thursday, November 5, 2026

कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा जामताड़ा में पुलिस मुठभेड़ में ढेर, जेल शिफ्ट करने के दौरान हुई घटना

रांची: झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा रविवार रात करीब 10:30 बजे पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया। यह मुठभेड़ गोविंदपुर-साहिबगंज स्टेट हाईवे पर जामताड़ा थाना क्षेत्र के केनबोना और सुपायडीह के बीच हुई। घटना सुजीत को साहिबगंज मंडल कारा से धनबाद जेल में शिफ्ट करने के लिए लाए जाने के दौरान हुई। पुलिस एनकाउंटर के बाद पुलिस ने इलाके की पूरी तरह घेराबंदी कर दी है. घटना के बाद फॉरेंसिक टीम मौके से अहम साक्ष्यों को सुरक्षित करने में जुटी है तो वहीं गैंगस्टर के शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, जेल स्थानांतरण के दौरान सुजीत सिन्हा ने शौच का बहाना बनाकर भागने की कोशिश की। इसी दौरान उसने पुलिसकर्मी का हथियार छीनने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में हुई मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई। इस घटना के साथ झारखंड के संगठित अपराध के एक बड़े अध्याय पर विराम लग गया।

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पलामू का रहने वाला था 

सुजीत सिन्हा मूल रूप से पलामू का रहने वाला था। लेकिन उसका आपराधिक प्रभाव रांची, हजारीबाग, चतरा, लातेहार और पलामू समेत झारखंड के कई जिलों में फैला हुआ था। बिहार और यूपी में भी आर्म्स सप्लाई गिरोह से सांठगांठ में भी उसका नाम आया था। सुजीत सिन्हा को गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव (अब मृत) का खास शूटर माना जाता था। श्रीवास्तव गैंग से अलग होने के बाद सुजीत ने अलग गैंग बनाया था.

चर्चित दुश्मनी का अंत

झारखंड के अंडरवर्ल्ड की सबसे चर्चित दुश्मनी का अंत अब इतिहास बन चुका है। कभी अपराध की दुनिया में साथ कदम बढ़ाने वाले अमन साहू और सुजीत सिन्हा आखिरकार एक जैसी पटकथा के साथ अपने अंतिम अंजाम तक पहुंचे। पहले रायपुर से रांची लाए जाने के दौरान पलामू में अमन साहू पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, और अब साहिबगंज जेल से धनबाद जेल शिफ्ट किए जा रहे सुजीत सिन्हा का भी जामताड़ा में एनकाउंटर हो गया।

पलामू की धरती से शुरू हुआ सुजीत सिन्हा का अपराध साम्राज्य देखते ही देखते रांची, लातेहार, रामगढ़, हजारीबाग, धनबाद और पूरे कोयलांचल क्षेत्र तक फैल गया। जेल में रहते हुए भी उस पर रंगदारी, ठेकेदारी और आपराधिक गिरोह संचालित करने के गंभीर आरोप लगते रहे। पुलिस रिकॉर्ड में वह लंबे समय तक कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बना रहा।

झारखंड के अपराध जगत में अमन साहू और सुजीत सिन्हा की दुश्मनी केवल गैंगवार नहीं, बल्कि वर्चस्व की लड़ाई मानी जाती थी। अब दोनों की कहानी का अंतिम अध्याय भी पुलिस मुठभेड़ के साथ समाप्त हो चुका है। कभी जिन नामों से कारोबारी, ठेकेदार और आम लोग खौफ खाते थे, आज वही नाम झारखंड के अपराध इतिहास के बंद हो चुके अध्याय बन गए हैं।

एयर नाऊ स्पेशल

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