देश : देशभर में अब राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों के एक किलोमीटर दायरे में किसी भी तरह की खनन गतिविधि नहीं की जा सकेगी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इस संबंध में बड़ा आदेश जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि खनन गतिविधियां वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा हैं, इसलिए इन्हें पूरी तरह रोकना जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि पहले यह प्रतिबंध केवल गोवा राज्य के लिए लागू था, जिसे अब पूरे देश में लागू किया जा रहा है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यह अदालत लगातार यह मानती रही है कि वन्यजीव अभयारण्य या राष्ट्रीय उद्यान से एक किलोमीटर के भीतर खनन गतिविधियां वन्यजीवों के लिए खतरनाक हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि सरंडा क्षेत्र को वन्यजीव अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया जाए। साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस इलाके में रहने वाले आदिवासियों और वनवासियों के अधिकार वन अधिकार अधिनियम के तहत सुरक्षित रहेंगे।
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कोर्ट ने आदेश में कहा कि सरंडा क्षेत्र में मौजूद स्कूल, रेल लाइनें, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य सार्वजनिक संस्थान यथावत रहेंगे और उन पर किसी तरह की रोक नहीं होगी। लेकिन, इस क्षेत्र में किसी भी रूप में खनन की अनुमति नहीं दी जाएगी।


