Thursday, October 29, 2026

रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, 5.25% पर बरकरार, EMI में राहत जारी

मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम लोगों को राहत देते हुए रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। आज हुई मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक में रेपो रेट को 5.25% पर ही बनाए रखने का फैसला लिया गया। इसका मतलब है कि फिलहाल लोन महंगे नहीं होंगे और लोगों की EMI भी नहीं बढ़ेगी। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक के बाद फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महंगाई की स्थिति अभी नियंत्रण में है, इसलिए ब्याज दरों में किसी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं समझी गई।

दिसंबर में हुई थी आखिरी कटौती

RBI ने दिसंबर में रेपो रेट में 0.25% की कटौती की थी, जिसके बाद यह 5.25% पर आ गया था। रेपो रेट वह ब्याज दर होती है, जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है। जब यह दर घटती है, तो बैंकों को सस्ता कर्ज मिलता है और वे आम ग्राहकों को भी कम ब्याज दर पर लोन देते हैं।

2025 में चार बार घट चुकी हैं ब्याज दरें

RBI ने साल 2025 में अलग-अलग बैठकों में कुल 1.25% की कटौती की थी। फरवरी 2025 में ब्याज दर 6.5% से घटाकर 6.25% की गई। अप्रैल की बैठक में 0.25% की दूसरी कटौती हुई। जून में तीसरी बार 0.50% की बड़ी कटौती की गई। दिसंबर में 0.25% की कटौती के बाद दरें 5.25% पर पहुंचीं। करीब पांच साल बाद शुरू हुई इन कटौतियों से लोन लेने वालों को बड़ी राहत मिली थी।

महंगाई को लेकर RBI का अनुमान

RBI के अनुसार, महंगाई की स्थिति फिलहाल राहत भरी है। वित्त वर्ष 2026 के लिए रिटेल महंगाई दर 2.1% रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1) में महंगाई 4% रह सकती है। दूसरी तिमाही (Q2) में यह 4.2% तक जा सकती है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4) के लिए महंगाई 3.2% रहने का अनुमान है। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि थोड़े समय के लिए कीमतों में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन महंगाई RBI के तय दायरे में ही रहेगी।

कीमती धातुओं में दिख रहा असर

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि फिलहाल महंगाई का दबाव कम है। हालांकि, सोना-चांदी जैसी कीमती धातुओं की कीमतों में वैश्विक उतार-चढ़ाव का असर जरूर देखा जा रहा है। इसके अलावा बाकी ज्यादातर चीजों की कीमतें काबू में हैं। RBI गवर्नर ने बताया कि अप्रैल में आने वाले अगले पॉलिसी स्टेटमेंट में पूरे साल के लिए सीपीआई महंगाई दर का अनुमान पेश किया जाएगा। तब तक नई सीरीज के तहत और ज्यादा आंकड़े भी उपलब्ध होंगे।

क्या होती है मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी?

मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी में कुल 6 सदस्य होते हैं। 3 सदस्य RBI के होते हैं। 3 सदस्य केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। यह कमेटी हर दो महीने में बैठक करती है। वित्त वर्ष 2025-26 में MPC की कुल 6 बैठकें हुईं, जिनमें पहली बैठक 7 से 9 अप्रैल 2025 के बीच हुई थी। रेपो रेट कम होने पर बैंकों को RBI से सस्ता कर्ज मिलता है। इसका फायदा वे ग्राहकों को कम ब्याज दर वाले लोन के रूप में देते हैं। वहीं, महंगाई बढ़ने पर RBI ब्याज दरें बढ़ाकर बाजार में पैसे की सप्लाई कम करता है, ताकि महंगाई पर काबू पाया जा सके।

एयर नाऊ स्पेशल

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