पटना: नीट छात्रा के साथ हुए कथित दुष्कर्म और मृत्यु मामले की जांच में सीबीआई (CBI) ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। हाल ही में जांच टीम शम्भू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची, जहाँ करीब दो घंटे तक साक्ष्यों को खंगाला गया। इस दौरान टीम ने उस घटनाक्रम को फिर से दोहराया (Recreate) जिसमें हॉस्टल गार्ड अमरेंद्र ने 6 जनवरी को छात्रा के बंद कमरे को खोलकर उसे अस्पताल पहुंचाया था। सीबीआई ने गार्ड से पूछताछ की कि उसे सूचना किसने दी और कमरे का दरवाजा उसने किस तरह खोला।
Highlights:
10 संदिग्धों का पॉलीग्राफ टेस्ट
जांच एजेंसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रा के कपड़ों से मिले स्पर्म के डीएनए (DNA) का मिलान असली अपराधी से करने की है। अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ न लगने के कारण, सीबीआई अब करीब 10 संदिग्धों का पॉलीग्राफ टेस्ट (लाइ डिटेक्टर टेस्ट) कराने पर विचार कर रही है, जिसके लिए न्यायालय और संबंधित व्यक्तियों की अनुमति आवश्यक होगी।
संचालिका और दो महिला वार्डेन से पूछताज
हॉस्टल में जांच के दौरान संचालिका नीलम अग्रवाल, नीतू और दो महिला वार्डन से भी अलग-अलग पूछताछ की गई ताकि उनके बयानों की सत्यता जांची जा सके। उल्लेखनीय है कि पीड़िता के परिजनों ने पहले ही हॉस्टल संचालिका पर मामले को दबाने के लिए पैसे ऑफर करने का गंभीर आरोप लगाया है। सीबीआई अब इन सभी कड़ियों को जोड़कर सच तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।


