राँची: प्रवर्तन निदेशालय ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम तेज करते हुए नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) के पूर्व अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (CMD) भोला सिंह पर बड़ी कार्रवाई की है। मनी लाउंड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही ईडी की भोपाल इकाई ने भोला सिंह की रांची स्थित करोड़ों की संपत्ति को कुर्क कर लिया है। जब्त की गई संपत्तियों में रांची के पॉश इलाके सेल सिटी का एक आलीशान फ्लैट और बैंक लॉकर से बरामद नगदी व जेवरात शामिल हैं।
Highlights:
करोड़ों की संपत्ति जब्त
जांच के दौरान ईडी ने भोला सिंह और उनकी पत्नी द्वारा संचालित एक बैंक लॉकर को खंगाला। इस लॉकर से 1.94 करोड़ रुपये मूल्य की नगदी और सोने के जेवरात बरामद किए गए। इसके अलावा, जांच में यह भी सामने आया कि भोला सिंह ने रांची के सेल सिटी में 85.45 लाख रुपये की लागत से एक लग्जरी फ्लैट खरीदा था। ईडी ने इस फ्लैट को भी जब्त कर लिया है। ईडी के अनुसार, यह तमाम संपत्तियां जनवरी 2022 से जनवरी 2024 के बीच बनाई गई थीं, जो कि उनके पद के दुरुपयोग और अवैध कमाई की ओर इशारा करती हैं। जब्त की गई संपत्ति की कुल कीमत 2.79 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
कैसे होता था टेंडर मैनेज का खेल?
सीबीआई (CBI) दिल्ली की स्पेशल क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने इस मामले की जांच शुरू की थी। जांच रिपोर्ट के अनुसार NCL में टेंडर जारी होने से पहले ही अधिकारी और निजी कंपनियों के बीच सांठगांठ हो जाती थी। यह तय किया जाता था कि किस कंपनी को कितने में टेंडर देना है। इसके बाद टेंडर की शर्तें इस तरह बनाई जाती थीं कि केवल कमीशन देने वाली पसंदीदा कंपनी ही उसमें क्वालिफाई कर सके। टेंडर दिलाने के बदले अधिकारियों द्वारा कंपनियों से भारी-भरकम कमीशन वसूला जाता था।
2024 की छापेमारी से शुरू हुई थी घेराबंदी
अगस्त 2024 में सीबीआई ने भोला सिंह और उनके करीबियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। उस दौरान करीब 3.80 करोड़ रुपये नगद और भ्रष्टाचार से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद हुए थे। इसी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए अब ईडी ने मनी लाउंड्रिंग एक्ट के तहत संपत्तियों को फ्रीज करना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार ईडी अभी भोला सिंह के निवेश के अन्य माध्यमों की भी तलाश कर रही है। आने वाले दिनों में कुछ और संपत्तियों पर भी जब्ती की गाज गिर सकती है।


