नई दिल्ली: 12 फरवरी यानी गुरूवार को देशभर में भारत बंद का आह्वान किया गया है, जिसमें लगभग 30 करोड़ मजदूरों के हिस्सा लेने की संभावना जताई जा रही है। यह बंद केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच द्वारा आयोजित किया गया है और इसके चलते जनजीवन के कई हिस्सों में व्यवधान का अनुमान है।
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क्यों रखा गया भारत बंद?
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने यह भारत बंद केंद्र सरकार की श्रम नीतियों और रोजगार सुधारों के खिलाफ बुलाया है। श्रमिक संगठन का कहना है कि केंद्र द्वारा लागू किए गए नए चार श्रम संहिताएं कामगारों के अधिकारों को कमजोर करते हैं और नौकरी सुरक्षा घटाते हैं। इसके अलावा किसान संगठनों ने भी भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से कृषि क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव की चिंता जताई है।
बैंक एवं वित्तीय सेवाएं
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शाखा सेवाओं (कैश निकालना, चेक क्लियरेंस, काउंटर सेवाएं) प्रभावित हो सकती हैं। रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने कोई राष्ट्रीय बैंक छुट्टी घोषित नहीं की है, लेकिन कुछ सेवाओं में देरी की संभावना है। एसबीआई समेत कई बैंकों ने पहले से ग्राहकों को संभावित व्यवधान के बारे में सचेत किया है।
राष्ट्रीय स्तर पर स्कूल और कॉलेज बंद करने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं है। कुछ राज्यों में स्थानीय समर्थन और परिवहन बाधाओं के कारण शिक्षा संस्थान बंद रह सकते हैं। विशेषकर केरल, कर्नाटक और ओड़िशा में ऐसा संभावित है। अभिभावकों को स्थानीय निर्देशों के आधार पर अपडेट लेने की सलाह दी जा रही है।
परिवहन और बाजार
सड़क परिवहन सेवाओं में ख़राबी और अवरोध की आशंका है क्योंकि ट्रेड यूनियन रोड ब्लॉकेज और विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। शहरों में सार्वजनिक बस सेवाएं, टैक्सी और अन्य यातायात सेवाओं पर असर होने की संभावना है। बाजार, दुकानें और कुछ सरकारी कार्यालय बंद रह सकते हैं या कम स्टाफ के साथ काम करेंगे। आपात सेवाएं अस्पताल, एम्बुलेंस, फार्मेसी, बिजली और पानी की आपूर्ति, आग सेवा सामान्य रूप से कार्य करने की संभावना है। एयरपोर्ट और रेल सेवाएं भी सामान्य रूप से चल सकती हैं, हालांकि सड़क मार्ग पर बाधाओं के कारण यात्रियों को समय पूर्व निकलने की सलाह दी गई है।
सरकार और यूनियनों का रुख
सरकार ने हड़ताल के अधिकार पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि श्रमिकों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है, लेकिन यह आवश्यक है कि ऐसा करते समय सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहे। ट्रेड यूनियन चार श्रम संहिताओं को वापस लेने, MGNREGA की बहाली और अन्य सामाजिक व कृषि समर्थन मांगों पर सरकार से वार्ता की मांग कर रहे हैं। 12 फरवरी को देशव्यापी भारत बंद के चलते सामान्य जनजीवन में व्यवधान होने की संभावना है। विशेष रूप से बैंक सेवाओं, परिवहन, बाजार और कुछ सरकारी सेवाओं पर असर पड़ सकता है, जबकि आपात सेवाएं सामान्य रहने की उम्मीद है।


