Wednesday, July 22, 2026

यूपी की नैना को लंदन में किंग चार्ल्स ने किया सम्मानित, मजदूर से अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाने का सफर

न्यूज डेस्क : उत्तर प्रदेश के बहराईच जिले के रिसिया इलाके की रहने वाली नैना को हाल ही में किशोरियों को शिक्षा व आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करने के साथ साथ बाल विवाह की रोकथाम के लिए अभियान चलाने को लेकर लंदन में सम्मानित किया गया। किंग चार्ल्स ने उन्हें सम्मानित किया। उन्हें लंदन के बंकिंघम पैलेस के शाही अलबर्ट हाल में 11 मई को आयोजित किंग्स ट्रस्ट समारोह में उन्हें सम्मानित होने के साथ ब्रिटेन के किंग्स चार्ल्स तृतीय और महारानी कैमिला से उन्हें मिलने का अवसर भी मिला।

समारोह में मशहूर हस्तियां थी मौजूद

समारोह में अमल क्लूनी, जार्ज क्लूनी, सारलोट टिलवरी, रीटा ओरा और सर राड स्टीवर्ड जैसी मशहूर हस्तियां भी मौजूद थीं। नैना ने मिले सम्मान को उन सभी लड़कियों को समर्पित करने की बात कही। नैना ने कहा कि यह सम्मान उन सभी लड़कियों को समर्पित है जो कठिन परिस्थितियों के बाद भी अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष करती हैं। बहराइच पहुंचने पर नैना को डीएम अक्षय त्रिपाठी व सीडीओ सुनील कुमार धनवंता ने सम्मानित कर हौसला बढ़ाया।

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आगा खान फाउंडेशन का ‘प्रोजेक्ट लहर’

आगा खान फाउंडेशन के ‘प्रोजेक्ट लहर’ से जुड़ी रिसिया ब्लाक के पटेल नगर गांव निवासी नैना ने कभी अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने और अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए खेतों में मजदूरी की तो वहीं ट्यूशन भी पढ़ाया था. फिर भी जब आर्थिक जरूरतें पूरी नहीं हुई तो तंगी के चलते पढ़ाई भी बाधित हुई। पिता विजय बहादुर राजगीर मिस्त्री हैं, जबकि मां सोना देवी गृहिणी हैं।

पढ़ने की चाहत ऐसी थी कि केवल पढ़ाई के लिए ही साल 2021 में आगा खान फाउंडेशन के प्रोजेक्ट लहर से नैना जुड़ गई। संस्था के उद्देश्य कमजोर तबके के युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संस्था ने नैना को छह माह का प्रशिक्षण दिलाने के साथ उनकी पढ़ाई का भी जिम्मा संभाला। पहले इंटरमीडिएट और उसके बाद स्नातक पास कर वह 16 साल की किशोरी से लेकर 29 साल तक की युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम भी चलाने लगी।

नैना ने 12 युवतियों की टीम बनाकर बालिकाओं की शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम शुरू किया। यही नहीं, उसने बाल विवाह रोकने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया। उनकी मेहनत का ही असर रहा कि

रिसिया की आरती भी पहुंची थी लंदन

नैना से पहले रिसिया ब्लाक के बभनी सैदा निवासी आरती भी लंदन में पुरस्कृत हो चुकी हैं। आटो चलाकर संघर्ष की इबारत लिखने वाली आरती को आगा खान फाउंडेशन ने ही सहयोग किया था। मेहनत-मजदूरी कर अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर तय करने वाली रिसिया इलाके की नैना व आरती उन बालिकाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं, जिनकी हालात संघर्षों से भरे हैं।

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एयर नाऊ स्पेशल

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