डेस्क : अमेरिका में रविवार, 25 जनवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिक टॉक को लेकर बड़ी तकनीकी परेशानी सामने आई। हजारों यूजर्स को एप इस्तेमाल करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आउटेज ट्रैक करने वाली वेबसाइट डाउन डिटेक्टर के अनुसार, इस दौरान 35 हजार से अधिक यूजर्स ने समस्या की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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आंकड़ों के मुताबिक, करीब 65 फीसदी यूजर्स ने शिकायत की कि एप ठीक से काम नहीं कर रहा है। वहीं 23 फीसदी यूजर्स ने पूरी तरह से आउटेज होने की बात कही, यानी वे एप को बिल्कुल भी एक्सेस नहीं कर पा रहे थे। इसके अलावा लगभग 13 फीसदी यूजर्स ने दावा किया कि उनके टिक टॉक फीड में कंटेंट लोड नहीं हो रहा था या बार-बार रिफ्रेश होने के बावजूद वीडियो दिखाई नहीं दे रहे थे।
आधिकारिक बयान जारी नहीं
यह तकनीकी दिक्कत ऐसे समय सामने आई है, जब टिक टॉक ने हाल ही में अमेरिका में एक नई कंपनी बनाने को लेकर एक अहम डील फाइनल की है। दिलचस्प बात यह है कि इस डील के कुछ ही दिनों बाद एप में यह आउटेज देखने को मिला। हालांकि, टिक टॉक की ओर से अब तक इस आउटेज को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और न ही कंपनी ने तकनीकी खराबी की पुष्टि की है।
दरअसल, टिक टॉक की चीनी पैरेंट कंपनी बाइटडांस ने गैर-चीनी निवेशकों के एक समूह के साथ मिलकर एक नया यूएस टिक टॉक बनाने की डील की है। यह कदम अमेरिका में टिक टॉक पर बैन की लगातार मिल रही धमकियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े आरोपों के बीच उठाया गया है।
राजनीतिक खींचतान का अंत
इस डील के साथ ही टिक टॉक से जुड़ी करीब छह साल पुरानी कानूनी और राजनीतिक खींचतान का अंत माना जा रहा है। लंबे समय से टिक टॉक अमेरिका और चीन जैसी दो वैश्विक महाशक्तियों के बीच राजनीतिक विवाद का केंद्र बना हुआ था। ऐसे में नई डील के बाद आया यह आउटेज कई सवाल खड़े कर रहा है।


