भोपाल : मध्य प्रदेश में सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी बिल पेश किया जाएगा. रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यूसीसी विधेयक 2026 के ड्राफ्ट को सर्वसम्मति से मंज़ूरी दी गई.
Highlights:
इसे भी पढ़ें : सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेकर सफ़दरज़ंग अस्पताल ने जारी किया हेल्थ अपडेट, कहा – सबकुछ सामान्य
मुख्यमंत्री ने कहा, “आज मध्य प्रदेश की कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता विधेयक-2026 को सर्वसम्मति से स्वीकृति दी है. इस विधेयक को 20 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में रखने के लिए आवश्यक कैबिनेट स्वीकृति मिल गई है.” उन्होंने यह भी बताया कि “हमने सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों के ज़रिए यूसीसी पर प्रस्ताव मांगे थे और हमें 10 लाख प्रतिक्रियाएं मिलीं.”
रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में समिति
बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार ने कॉमन सिविल कोड या समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था. जिसने अपना मसौदा राज्य सरकार को सौंपा.
देश में उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य है, जबकि गुजरात और असम में भी यूसीसी से संबंधित विधेयक पारित हो चुके हैं. मध्य प्रदेश का यह कदम इस दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है. हाल में महाराष्ट्र की राज्य सरकार ने भी यूसीसी लागू करने के लिए ड्राफ्ट कमेटी गठित की है.


