मुंबई: फॉर्मर डोमेस्टिक क्रिकेटर मिथुन मन्हास अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष बन गए हैं। यह घोषणा रविवार को मुंबई स्थित BCCI ऑफिस में हुई एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के बाद की गई। मन्हास इस पद पर निर्विरोध चुने गए हैं। वे BCCI के पहले ऐसे अध्यक्ष हैं जिन्होंने इंटरनेशनल मैच नहीं खेला।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने X पर मन्हास को बधाई दी और लिखा कि मिथुन मन्हास आधिकारिक रूप से BCCI के अध्यक्ष बन गए हैं।
क्रिकेट करियर
मिथुन मन्हास ने अपनी क्रिकेट यात्रा जम्मू-कश्मीर की अंडर-15 टीम से शुरू की। उन्होंने अंडर-15, अंडर-16 और अंडर-19 में खेलते हुए तीन साल तक J&K के लिए अंडर-19 टीम में प्रदर्शन किया। साल 1995 में उन्होंने लगभग 750 रन बनाए और देश के हाईएस्ट अंडर-19 स्कोरर बने। इसके बाद वह J&K टीम के कैप्टन भी बने। इसी प्रदर्शन के चलते उनका चयन नॉर्थ जोन टीम के लिए हुआ।
12वीं की परीक्षा देने के बाद, लगभग 17 साल की उम्र में मन्हास पहली बार दिल्ली आए और यहां प्रीमियर टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। उस समय दिल्ली टीम में वीरेंद्र सहवाग और आशीष नेहरा जैसे दिग्गज खिलाड़ी खेलते थे।
दिल्ली टूर्नामेंट में अच्छे प्रदर्शन के चलते उनका चयन अंडर-19 नेशनल टीम में हुआ। 1996 में उन्होंने रणजी ट्रॉफी के लिए दिल्ली की टीम में जगह बनाई, हालांकि उस साल कोई मैच नहीं खेला। अगले साल 1997 में उन्होंने दिल्ली की ओर से रणजी डेब्यू किया।
दिल्ली टीम और कप्तानी
मन्हास ने दिल्ली रणजी टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और मिडिल ऑर्डर में अपनी जगह पक्की की। 2001-02 सीजन में वह पहली बार रणजी ट्रॉफी में 1000+ रन बनाने वाले खिलाड़ियों में शामिल हुए।
2006 से 2008 तक मन्हास दिल्ली टीम के कैप्टन रहे। उनकी कप्तानी में दिल्ली ने 2007-08 रणजी ट्रॉफी जीती, जो दिल्ली टीम का 16वां रणजी खिताब था।
मिथुन मन्हास का चयन BCCI अध्यक्ष बनने के बाद क्रिकेट जगत में नए दौर की उम्मीदें जगाता है, क्योंकि वे अपने विस्तृत घरेलू क्रिकेट अनुभव और कप्तानी कौशल के आधार पर बोर्ड का नेतृत्व करेंगे।


