नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय के एक बयान ने देश में बहस छेड़ दी है। MEA ने कहा – “पासपोर्ट सिर्फ एक यात्रा दस्तावेज है, ये नागरिकता का प्रमाण नहीं है”। पासपोर्ट सेवा दिवस के कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी के इस बयान के बाद सवाल उठने लगे कि फिर भारतीय नागरिकता का पुख्ता सबूत क्या है?
Highlights:
MEA ने क्या कहा?
अधिकारी ने साफ किया कि पासपोर्ट विदेश में भारतीयों की नेशनैलिटी तो बताता है, लेकिन इसे नागरिकता का डॉक्यूमेंट नहीं माना जा सकता। पासपोर्ट मिलने से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अपने आप नहीं मिल जाता।
विपक्ष भड़का, सवालों की बौछार
इस बयान पर बवाल मच गया। जावेद अख्तर ने इसे “बेतुका” कहा और पूछा – अगर सरकार को पासपोर्ट धारक की नागरिकता पर भरोसा नहीं, तो पासपोर्ट क्यों जारी करती है? शिवसेना UBT के आदित्य ठाकरे ने सवाल उठाया – अगर गैर-भारतीयों को भी पासपोर्ट मिल सकता है, तो दूसरे देश इस दस्तावेज पर भरोसा कैसे करेंगे? कांग्रेस नेता कपिल सिबल ने भी पूछा – तो नागरिकता का प्रमाण कौन सा कागज है?
कानून क्या कहता है? बॉम्बे HC का 2013 वाला फैसला
सरकारी सूत्रों और कानूनी एक्सपर्ट्स ने 2 कानूनों का हवाला दिया:
- पासपोर्ट अधिनियम 1967 – इसके तहत टेक्निकली गैर-नागरिकों को भी पासपोर्ट इश्यू किया जा सकता है
- नागरिकता अधिनियम 1955 – ये कानून तय करता है कि कौन भारतीय है
- बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2013 में भी यही कहा था। कोर्ट ने माना था कि पासपोर्ट होना “निर्णायक” सबूत नहीं है कि आप भारतीय नागरिक हैं।
तो असली सबूत क्या है?
MEA के मुताबिक, पासपोर्ट का काम सिर्फ 2 है:
- विदेश में आपके हक की रक्षा करना
- इमिग्रेशन को बताना कि आप वही हैं जो क्लेम कर रहे हैं
नागरिकता vs पासपोर्ट में बड़ा फर्क:
– पासपोर्ट: सरकार की प्रॉपर्टी है, कभी भी जब्त हो सकता है
– नागरिकता: आपसे आसानी से नहीं छीनी जा सकती, जब तक आप खुद न छोड़ें
तो नागरिकता का पुख्ता सबूत क्या है?
अगर आपसे कोई पूछे “आप भारतीय हैं इसका प्रूफ क्या है?” तो जवाब है:
जन्म प्रमाण पत्र – भारत में पैदा होने का सबसे मजबूत कानूनी सबूत
या
नागरिकता प्रमाण पत्र – उन लोगों के लिए जिन्हें बाद में नागरिकता मिली है
X पर वायरल सवाल
एक यूजर ने लिखा: “पैन-पासपोर्ट के लिए आधार चाहिए, पासपोर्ट रिन्यू के लिए आधार चाहिए, बैंक आधार-पैन मांगता है… पहचान का पूरा खेल मजाक बन गया है”।
बॉटमलाइन: पासपोर्ट ट्रैवल के लिए जरूरी है, पर कोर्ट और कानून की नजर में नागरिकता साबित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र/नागरिकता प्रमाण पत्र ही असली डॉक्यूमेंट है।
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