न्यूज डेस्क :
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हॉन्ग कॉन्ग के ताई पो क्षेत्र के एक रिहायशी इलाक़े के अपार्टमेंट्स ब्लॉक्स में लगी भीषण आग में अब तक 44 लोगों की मौत होने और 279 लोगों के लापता होने की बात सामने आई है. बुधवार को लगी आग पर गुरुवार सुबह तक आठ ब्लॉक में से चार ब्लॉक में आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है. अन्य ब्लॉक में आग बुझाने की कोशिशें जारी है. दमकल विभाग को उम्मीद है कि गुरुवार शाम तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया जाएगा.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ आग हॉन्ग कॉन्ग के वांग फुक कोर्ट नाम के हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में लगी है. कॉम्प्लेक्स के आठ ब्लॉक्स में कुल दो हज़ार फ़्लैट्स हैं. वहीं हॉन्ग कॉन्ग की सरकार के मुताबिक़, वांग फुक कोर्ट में ये आग स्थानीय समयानुसार बुधवार को तकरीबन 2 बजकर 51 मिनट पर लगी, जिसके बाद अग्निशमन विभाग को इसकी सूचना मिली थी. हॉन्ग कॉन्ग के चीफ़ एग्जेक्युटिव जॉन ली ने बताया है कि अस्पताल में भर्ती 45 लोगों की हालत नाज़ुक बनी हुई है. जान गंवाने वालों में एक फ़ायरफ़ाइटर वाई-हो भी शामिल हैं.
घटनास्थल पर 800 फ़ायरफ़ाइटर्स तैनात हैं. घटनास्थल पर दर्जनों फ़ायर ट्रक खड़े थे और अब भी एक के बाद एक कई ट्रक आते दिख रहैं हैं. इन ट्रकों से फ़ायरफ़ाइटर्स अपने लिए ऑक्सीजन टैंक इकट्ठा कर रहे हैं. वहीं ताई पो के डिस्ट्रिक्ट काउंसिलर मुई सियू-फंग ने बताया है कि तक़रीबन 95 प्रतिशत लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और नज़दीक के तीन हाउसिंग ब्लॉक्स को ख़ाली करा लिया गया है. लोगों को कम्युनिटी सेंटर्स में शिफ़्ट किया गया है.
आग लगने के कारण

आग के ज़्यादा तेज़ी से फैलने के पीछे की वजह आसपास जारी मरम्मत के काम को बताया जा रहा है. दरअसल, इमारतों के बाहर बांस की मचान लगी हुई थी, जो मरम्मत के लिए इस्तेमाल की जा रही थी. इस मामले में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है, जिनमें दो कंस्ट्रक्शन कंपनी के डायरेक्टर हैं और एक इंजीनियरिंग कंसल्टेंट है.
हालांकि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और मामले की जांच जारी है. लेकिन प्राथमिक पड़ताल में ये बात सामने आई है कि इन इमारतों की मरम्मत का काम चल रहा था और खिड़कियों पर पॉलीस्टीरीन बोर्ड्स पाए गए, जिसकी वजह से आग तेज़ी से फैली. प्रशासन का कहना है कि बिल्डिंग ब्लॉक्स के बीच बांस के ढांचे लगाए गए थे, जो दूसरी इमारतों में आग फ़ैलने का कारण हो सकते हैं.


