भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का गुरुवार को चौथा दिन हंगामे और विरोध प्रदर्शन के बीच शुरू हुआ। कार्यवाही से पहले कांग्रेस विधायकों ने सदन के बाहर थाली बजाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य के बजट को आम जनता के लिए निराशाजनक बताते हुए इसे ख्याली पुलाव करार दिया।
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हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष का विरोध जारी रहा। शोर-शराबे के बीच विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती और बाद में फुंदेलाल मार्को का नाम प्रश्न पूछने के लिए पुकारा, लेकिन हंगामे के कारण वे सवाल नहीं रख सके। स्थिति नहीं संभलने पर अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी। इस दौरान कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भगृह तक पहुंच गए।
इंदौर घटना को लेकर इस्तीफे की मांग
कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले को हादसा नहीं बल्कि हत्या बताते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, सांसद शंकर लालवानी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के इस्तीफे की मांग की। अध्यक्ष ने प्रश्नकाल की मर्यादा बनाए रखने की अपील की, लेकिन विपक्ष अपनी मांग पर अड़ा रहा। स्थिति शांत न होने पर सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
सरकार का जवाब और राहत की जानकारी
डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि 21 से 29 दिसंबर के बीच डायरिया फैलने से स्थिति गंभीर हुई थी और 22 मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की राहत दी गई। नेता प्रतिपक्ष ने मृतकों की संख्या 35 बताते हुए सभी को मुआवजा देने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है और एक आईएएस अधिकारी को निलंबित किया गया है। पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने सुझाव दिया कि इस विषय पर अलग बैठक में चर्चा करना बेहतर होगा। पूर्व अध्यक्ष सीता शरण शर्मा ने भी कहा कि मामला अदालत में होने के कारण सदन में चर्चा उचित नहीं है। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने भी सरकार का पक्ष रखा।



