नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामा किया। नरेंदर-सरेंडर के नारे लगाए। अमेरिका-इजराइल और ईरान की जंग का भारत पर असर और गैस-पेट्रोल के मुद्दो पर चर्चा की मांग। लगातार हंगामे के बाद सदन दोपहर 12 बजे तक स्थगित किया गया। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कच्चे तेल की कीमतों और एयरलाइंस द्वारा लगाए गए सरचार्ज को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और इस विषय पर सदन में विस्तृत चर्चा की मांग की। स्थगित के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू की गई।
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कच्चे तेल की कीमतों पर सरकार से सवाल
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि हाल ही में कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के बाद घटकर कराब 90 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं। उनके अनुसार तेल की कीमतों में कोई असामान्य बढ़ोतरी नहीं हुई है। उनहेंने कहा कि आज जो कच्चा तेल या पेट्रोलियम उत्पाद बाजार में आ रहें हैं। उनके कॉन्ट्रैक्ट करीब 45 से 60 दिन पहले हुए होंगे, जब कीमतें अपेक्षाकृत कम थां। ऐसे में एयरलाइंस द्वारा सरचार्ज लगाना और सरकार द्वारा आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) लागू करना जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया जैसा लगता है।
राज्यसभा में LPG सिलेंडर की कीमी का मुद्दा
वहीं, राज्यसभा में CPI(M) के सांसद पी. संदोष कुमार ने कार्यसूची स्थगित करने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने पश्चिमी एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण देश के कई हिस्सों में LPG सिलेंडरों की कमी पर चिंता जताते हुए इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की। विपक्ष का कहना है कि तेल की कीमतों, एयरलांइस सरचार्ज और LPG सिलेंडरों की कमी का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। इसलिए इन मुद्दों पर संसद में गंभीर और विस्तृत चर्चा जरूरी है।


