देश : गुजरात और महाराष्ट्र में भारी बारिश और बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंगलवार को गुजरात के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई। वलसाड और नवसारी जिलों में कई घरों को नुकसान पहुंचा। द्वारका में कल्याणपुर को पोरबंदर से जोड़ने वाला स्टेट हाईवे जलमग्न हो गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप पड़ गया। कल्याणपुर के पास एक कार पानी के तेज बहाव में बह गई। वहीं, वडोदरा में गरबा पंडाल गिरने से अफरातफरी मच गई।
मराठवाड़ा के आठ जिलों में 3,050 गांव प्रभावित
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र की स्थिति और गंभीर है। यहां के आठ जिलों में 3,050 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। 1 जून से 29 सितंबर तक बारिश और बाढ़ की वजह से 104 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से सबसे ज्यादा 28 लोगों की जान नांदेड़ में गई है। संभाजीनगर, बीड, हिंगोली, जालना, धाराशिव, परभणी और लातूर में भी कई लोगों की मौत हुई है।
बारिश और बाढ़ ने मराठवाड़ा की सड़क और पुलों को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त किया है। अब तक 2,701 किलोमीटर सड़कें टूट चुकी हैं और 1,504 पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके अलावा 1,064 स्कूल, 352 स्वास्थ्य केंद्र और 58 सरकारी इमारतें खराब हो चुकी हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है।
शिक्षा पर असर
बारिश की वजह से शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। महाराष्ट्र बोर्ड ने 12वीं कक्षा के परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 30 सितंबर से बढ़ाकर 20 अक्टूबर कर दी है, ताकि बाढ़ प्रभावित छात्र-छात्राओं को राहत मिल सके।
मौसम विभाग का कहना है कि इस साल मानसून की विदाई तय समय 15 अक्टूबर तक होने की संभावना है। पिछले साल भी मानसून 15 अक्टूबर को ही विदा हुआ था। हालांकि, इसके बाद भी कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश जारी रह सकती है।


