रांची : रांची के ओरमांझी इलाके से लापता हुए 12 साल के कन्हैया कुमार को आखिरकार 58 दिनों बाद रांची पुलिस ने कोडरमा से सकुशल बरामद कर लिया है। इस सफलता के बाद कन्हैया के परिवार ने राहत की सांस ली है। पूरे मामले की निगरानी खुद रांची के एसएसपी कर रहे थे और बच्चे की तलाश के लिए विशेष जांच टीम (SIT) लगातार काम कर रही थी।
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22 नवंबर से था लापता
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि लापता बच्चा कोडरमा में छिपाकर रखा गया है। सूचना मिलते ही रांची पुलिस की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वहां छापेमारी की और कन्हैया को सकुशल बरामद कर लिया। इस अभियान की निगरानी राकेश रंजन खुद कर रहे थे। कन्हैया कुमार रांची के ओरमांझी इलाके का रहने वाला है। वह 22 नवंबर 2025 की शाम से लापता था। कन्हैया की मां के अनुसार, वह ओरमांझी ब्लॉक चौक के पास स्थित एसएस प्लस-टू उच्च विद्यालय के मैदान में बच्चों के साथ फुटबॉल खेलने गया था। लौटते वक्त वह ममता मार्केट के पास पहुंचा, जहां उसकी मां सड़क किनारे फुचका बेचती हैं। वहां उसने चाट खाई और यह कहकर गया कि थोड़ी देर में वापस आएगा, लेकिन इसके बाद वह घर नहीं लौटा।
सात राज्यों में चल रही थी छापेमारी
कन्हैया के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। उसके पिता अर्जुन साव शारीरिक रूप से सक्षम नहीं हैं। बड़ा भाई कृष्णा कुमार (19) की एक किडनी खराब है, जबकि छोटी बहन शिवानी कुमारी है। कन्हैया कक्षा तीन का छात्र था और शाम के समय मां की फुचका दुकान में हाथ भी बंटाता था। कन्हैया की तलाश के लिए रांची पुलिस की SIT सात राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान मिली पुख्ता सूचना के आधार पर बच्चे को सुरक्षित बरामद किया गया।
पहले भी बच्चों के अपहरण गिरोह का खुलासा
इससे पहले रांची पुलिस ने एक बड़े और संगठित बाल अपहरण गिरोह का पर्दाफाश किया था, जो बच्चों को भीख मंगवाने, मानव तस्करी और देह व्यापार जैसे अपराधों में धकेलता था। हेमंत सोरेन, डीजीपी तदाशा मिश्रा और सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक के निर्देश पर गठित SIT ने कार्रवाई करते हुए 15 अपराधियों को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई में पहले 12 बच्चों को भी सकुशल बरामद किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। कन्हैया की बरामदगी के बाद उससे जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। कन्हैया की सुरक्षित वापसी से न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे इलाके में खुशी और राहत का माहौल है।


