रांची : प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता कैलाश यादव ने कहा है कि ग्रामसभा को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा का प्रसार बेहद जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेसा कानून को लेकर भाजपा ने जनजातीय समुदायों को लंबे समय तक छलने का काम किया। यादव ने यह बातें 3 जनवरी 2026 को जारी एक प्रेस बयान में कहीं। कैलाश यादव ने आगे कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार जनाकांक्षाओं को पूरा करने वाली सरकार है। मुख्यमंत्री ने अपने वादे को निभाते हुए पेसा नियमावली लागू कर जनजातीय समाज को बड़ी सौगात दी है।
Highlights:
महान विभूतियों की जयंती पर ऐतिहासिक फैसला
यादव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त हॉकी खिलाड़ी, जनजातीय स्वराज के चिंतक और झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा तथा देश की प्रथम महिला शिक्षिका और समाज सुधारक सावित्री बाई फुले की जयंती पर पेसा नियमावली लागू करना एक ऐतिहासिक कदम है। राजद प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि झारखंड के गठन (15 नवंबर 2000) के बाद से भाजपा ने कभी भी पेसा कानून को लेकर आदिवासी समाज के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि भाजपा, आजसू और जदयू के नेतृत्व वाले एनडीए ने करीब 17 वर्षों तक शासन किया, लेकिन इस दौरान पेसा नियमावली नहीं बनाई और केवल आश्वासन देकर राजनीति की।
पेसा लागू होने से ग्रामसभा को मिले अधिकार
कैलाश यादव ने कहा कि पेसा नियमावली लागू होने से जनजातीय समाज में स्वशासन मजबूत हुआ है। ग्रामसभा को पूर्ण अधिकार मिले हैं। जल, जंगल, जमीन, लघु वनोपज, स्थानीय उद्योग, खनिज संपदा और दंडात्मक शक्तियों समेत कई अधिकारों का रास्ता साफ हुआ है, जिससे आदिवासी क्षेत्रों में वास्तविक सशक्तीकरण संभव हुआ है। यादव ने सुझाव दिया कि ग्रामसभा सशक्तीकरण को प्रभावी बनाने के लिए सुदूर ग्रामीण इलाकों में सामान्य शिक्षा, जनजातीय शिक्षा और तकनीकी शिक्षा को युद्ध स्तर पर बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि तभी झारखंड राज्य तेजी से सामाजिक विकास की दिशा में आगे बढ़ सकेगा।
महान नेताओं को श्रद्धांजलि
राजद की ओर से झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा और समाज सुधारक सावित्री बाई फुले की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कुल मिलाकर, राजद ने पेसा नियमावली के लागू होने को जनजातीय समाज के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और शिक्षा के विस्तार को ग्रामसभा सशक्तीकरण की कुंजी करार दिया।


