रांची : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा गुरुवार को जोर-शोर से उठता दिखा। भाजपा और आजसू के विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन कर भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच कराने की मांग की। विपक्षी गठबंधन NDA ने सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरतने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
इसे भी पढ़ें : JPSC-JSSC विवाद पर कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा 21 सूत्रीय सुधार सुझाव
आजसू पार्टी के मांडू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो एक अनोखे पोस्टर के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए। पोस्टर में विभिन्न सरकारी पदों के सामने कथित तौर पर उनकी “कीमत” लिखी गई थी। इसमें JPSC और JSSC की भर्तियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए और दोनों आयोगों को “नौकरी बिक्री केंद्र” बताया गया।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर कहा कि JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित सीट बेचने के आरोपों की निष्पक्ष CBI जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि NDA के सभी विधायक इस मांग पर एकजुट हैं और जब तक सरकार CBI जांच की अनुशंसा नहीं करती, तब तक छात्रों के अधिकार और न्याय की लड़ाई सदन से लेकर सड़क तक जारी रहेगी।
मरांडी ने वर्ष 2024 के शीतकालीन विधानसभा सत्र का एक वीडियो भी साझा करते हुए कहा कि भाजपा पहले भी JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इस मुद्दे पर सरकार को जवाब देना होगा। हालांकि, सरकार की ओर से इन आरोपों और CBI जांच की मांग पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


