रांची: रांची विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज (ILS) में संविदा पर कार्यरत शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। झारखंड हाई कोर्ट ने शिक्षकों की सेवा समाप्ति के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है और इस मामले में रांची विश्वविद्यालय तथा बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) से जवाब तलब किया है। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में ILS के संविदा शिक्षकों को हटाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका अजय राज और अन्य की ओर से दायर की गई है।
Highlights:
सुनवाई के बाद कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक बिना अदालत की अनुमति के प्रार्थियों को उनकी सेवाओं से नहीं हटाया जाएगा। अदालत ने इस मामले में रांची विश्वविद्यालय और बार काउंसिल ऑफ इंडिया दोनों से जवाब मांगा है। कोर्ट ने विश्वविद्यालय से कई अहम सवाल पूछे, जिनमें यह भी शामिल है कि क्या ILS में सभी शिक्षक केवल संविदा पर ही नियुक्त हैं? क्या संस्थान में कोई स्थायी फैकल्टी मौजूद नहीं है? विश्वविद्यालय स्थायी पदों पर नियुक्ति करने का इरादा रखता है या नहीं? संस्थान में प्रोफेसर, रीडर और अन्य शिक्षकीय पदों के कितने स्वीकृत पद हैं?
BCI से कोर्ट ने पूछा
कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया से भी सवाल किया कि क्या उसने कभी ILS में नियमित शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर कोई निर्देश जारी किया है। यदि निर्देश दिए गए हैं, तो अब तक नियमित नियुक्ति क्यों नहीं हुई? यदि कोई निर्देश नहीं दिया गया है, तो संस्थान का संचालन किस आधार पर किया जा रहा है? प्रार्थियों की ओर से अदालत को बताया गया कि वे ILS में लंबे समय से संविदा पर शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। हाल ही में रांची विश्वविद्यालय ने उनकी सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया, जिसके खिलाफ यह याचिका दाखिल की गई है। शिक्षकों ने कोर्ट से सेवा समाप्ति पर रोक लगाने की मांग की थी।
यह भी पढ़े: पटना में नीट छात्रा की मौत मामले की होगी सीबीआई जांच, सीएम नीतीश कुमार ने की सिफ़ारिश
अगली सुनवाई की तारीख तय
हाई कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद निर्धारित की है। तब तक शिक्षकों की सेवाएं सुरक्षित रहेंगी और विश्वविद्यालय कोई कार्रवाई नहीं कर सकेगा। ILS के संविदा शिक्षकों के मामले में हाई कोर्ट का यह आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सबकी नजर रांची विश्वविद्यालय और BCI के जवाब पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि संस्थान में नियमित नियुक्तियों को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।


