रांची : झारखंड में दो सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर गहमागहमी जारी है. कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा व उनके प्रस्तावक नमन विक्सल कोंगाड़ी की ओर से बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी का नामांकन खारिज करने की मांग पर निर्वाची पदाधिकारी ने अब तक कोई फैसला नहीं सुनाया है, लेकिन इस बीच इस राजनीतिक गहमागहमी को छोड़कर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली रवाना हो गए हैं. मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे की टाइमिंग को लेकर झारखंड के राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है.
Highlights:
इसे भी पढ़ें : कांग्रेस लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रियाओं को बाधित करने का कर रही प्रयास : आदित्य साहू
सीएम दिल्ली के लिए हुए रवाना
सीएम हेमंत सोरेन राजधानी रांची में राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी गहमागहमी को छोड़कर बुधवार दोपहर अचानक दिल्ली रवाना हो गए. सीएम के दिल्ली रवाना होने को लेकर कहा जा रहा है कि 11 जून को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली नीति आयोग के 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में भाग लेने वह गए हैं. इस बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भाग लेंगे. बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार समेत कई अन्य अधिकारी भी शामिल होंगे. बताया जा रहा है कि सीएम हेमंत सोरेन की मौजूदगी बैठक में झारखंड के हितों को प्रमुखता से रखने की दिशा में एक कदम है.
कांग्रेस का हंगामा व प्रदर्शन
राज्यसभा चुनाव को लेकर मंगलवार को उठा संशय का दौर बुधवार को भी जारी रहा. निर्वाची पदाधिकरी की ओर से निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी को कांग्रेस की ओर से उठाई गई आपत्तियों के मद्देनजर अपने पक्ष के दावों को लेकर बुधवार सुबह 11 बजे विधानसभा पेश होने के लिए कहा गया था, इसे लेकर कांग्रेस के नेता, विधायक व मंत्रियों के साथ साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी विधानसभा पहुंचे और धरने पर बैठ गए. इस दौरान कांग्रेसियों ने जम कर हंगामा व प्रदर्शन किया. नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनावी नियमों व कानून को ताक पर रख कर फैसले लिए जा रहे हैं.
केशव महतो कमलेश का आरोप
कांग्रेसियों के हंगामे के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने आरोप लगाया है कि रिटर्निंग अफसर ने निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवाणी को नामांकन से संबंधित फ्रेश पेपर दायर करने का मौका दिया. उन्होंने कहा कि यह चुनाव आयोग के नियमों के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ मध्यप्रदेश में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र 15 मिनट में ही रद्द कर दिया गया. इन दोनों मामले में निर्वाचन आयोग ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है, जो गलत हैं.
सलमान खुर्शीद का दावा
निर्दलीय राज्यसभा उम्मीदवार परिमल नथवाणी के नामांकन पत्र में त्रुटि को लेकर मचे घमासान के बीच सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने आरोप लगाया कि निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा दोपहर एक बजे तक का समय निर्धारित होने के बावजूद उनके समय से पहले पहुंचने पर भी कक्ष का दरवाजा बंद कर दिया गया. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें बहस में शामिल होने नहीं दिया गया, जबकि वह करीब 12.30 बजे ही विधानसभा पहुंच गये थे. ऐसे में उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला.
जेएमएम की दूरी से उठते सवाल
कांग्रेस के नेता, विधायक व मंत्री समेत बड़ी संख्या में समर्थक निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी की उम्मीदवारी को त्रुटियों के आधार पर रद्द करवाने की कोशिशों में पूरे दिन जुटे रहे तो वहीं सोमवार को कांग्रेस के साथ कदम से कदम मिलाने वाली जेएमएम ने इस पूरे मामले से दूरी बना रखी है.
मंगलवार को मामले को उठाने व निर्वाची पदाधिकारी के समक्ष औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराने के बाद से अब तक इस संबंध में कोई भी बयान जेएमएम नेताओं की ओर से सामने नहीं आया है. वहीं बुधवार को भी विधानसभा में न तो जेएमएम के कोई विधायक और नेता ही कांग्रेस की आपत्तियों के समर्थन में नजर आए. जिससे महगठबंधन के इस मामले में एकजुटता को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा खूब रही.



