न्यूज डेस्क: पश्चिम बंगाल की पुर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के खिलाफ कथित सांप्रदायिक और भड़काऊ टिप्पणी को लेकर दर्ज शिकायत पर कोलकाता पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। यह शिकायत 20 मई को दक्षिण कोलकाता के निवासी तुषार कांति दास ने हेयर स्ट्रीट थाने में दर्ज कराई थी। दायर शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके बयान से विभिन्न समुदायों के बीच तनाव और असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है। शिकायतकर्ता ने मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की है।
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शिकायत में लगाए गए हैं आरोप?
लिखित शिकायत के अनुसार, ममता बनर्जी द्वारा जनसभा में दिया गया बयान राज्य के विभिन्न समुदायों के बीच डर, भ्रम और तनाव पैदा करने की क्षमता रखता है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी से सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है और सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका है। तुषार कांति दास का आरोप है कि ममता बनर्जी मतदाताओं को भारतीय जनता पार्टी के कथित “भ्रामक प्रचार” के खिलाफ आगाह कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने ऐसी टिप्पणी की, जिससे यह संकेत मिला कि यदि मतदान का रुझान बदला तो एक विशेष समुदाय को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस बयान ने लोगों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा करने का प्रयास किया।
ममता बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज होने और पुलिस जांच शुरू होने के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सत्तारूढ़ दल की ओर से अभी तक इस शिकायत पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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