Friday, June 12, 2026

मैगी में जिंदा कीड़े मिलने की शिकायत पर FSSAI का बड़ा एक्शन, नेस्ले समेत कई कंपनियों को नोटिस

न्यूज डेस्क: सोशल मीडिया पर सामने आई खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कई बड़ी कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मैगी के एक पैकेट में कथित तौर पर कीड़े (लार्वा) मिलने की शिकायत के बाद नेस्ले इंडिया से तत्काल एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने को कहा है और यह बताने को कहा है कि शिकायत मिलने के बाद क्या कदम उठाए गए। इसके अलावा KFC, फ्लिपकार्ट इंडिया और ओपन सीक्रेट को भी विभिन्न शिकायतों के संबंध में नोटिस भेजा गया है।

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KFC और अन्य कंपनियां भी जांच के दायरे में

मैगी मामले के अलावा सोशल मीडिया पर वायरल हुई अन्य शिकायतों को भी FSSAI ने संज्ञान में लिया है। साफ-सफाई और हाइजीन से जुड़े आरोपों को लेकर KFC को नोटिस जारी किया गया है। वहीं, खजूर के एक उत्पाद में कीड़े मिलने की शिकायत पर फ्लिपकार्ट इंडिया और ओपन सीक्रेट कंपनी से भी जवाब तलब किया गया है। रेगुलेटर ने नेस्ले से उस विशेष बैच की पूरी जानकारी मांगी है, जिससे संबंधित शिकायत सामने आई थी। कंपनी को यह बताना होगा कि उस बैच में इस्तेमाल किया गया कच्चा माल किस सप्लायर या वेंडर से प्राप्त हुआ था। साथ ही उत्पादन से लेकर बाजार तक पहुंचने से पहले की गई गुणवत्ता जांच के सभी रिकॉर्ड भी प्रस्तुत करने होंगे।

बाजार से स्टॉक हटाने पर भी जवाब मांगा

FSSAI ने नेस्ले से यह भी पूछा है कि शिकायत मिलने के बाद कंपनी ने संबंधित बैच या संभावित रूप से प्रभावित उत्पादों को बाजार और सप्लाई चेन से हटाने के लिए क्या कदम उठाए। रेगुलेटर यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ऐसे उत्पाद आगे ग्राहकों तक न पहुंचें। नोटिस में कंपनी से यह भी पूछा गया है कि वह अपने गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र में कौन-कौन से बदलाव करने जा रही है। FSSAI चाहता है कि कंपनियां ऐसे ठोस कदमों की जानकारी दें, जिनसे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

मैगी नेस्ले इंडिया का सबसे लोकप्रिय और व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण ब्रांड माना जाता है। ऐसे में इस उत्पाद को लेकर उठे सवाल कंपनी के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं। उपभोक्ताओं के बीच मैगी की बड़ी पहचान है और किसी भी तरह की गुणवत्ता संबंधी शिकायत कंपनी की साख को प्रभावित कर सकती है।

2015 का विवाद फिर चर्चा में

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वर्ष 2015 में भी मैगी एक बड़े विवाद में फंस चुकी थी। उस समय FSSAI ने मैगी में लेड (सीसा) की अधिक मात्रा और MSG लेबलिंग से जुड़े विवाद के कारण देशभर में उसके उत्पादों को वापस मंगाने का आदेश दिया था। उस विवाद के बाद कंपनी को अपनी साख और ग्राहकों का भरोसा दोबारा हासिल करने में काफी समय लगा था।

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