Tuesday, July 21, 2026

झारखण्ड : 942 डॉक्टरों की होगी बहाली, जेपीएससी को स्वास्थ्य विभाग ने भेजा प्रस्ताव

रांची : झारखण्ड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों एवं सरकारी अस्पतालों में रिक्त पड़े कुल 942 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनमें से 276 पदों के लिए कार्मिक विभाग के द्वारा झारखण्ड लोक सेवा आयोग को अधियाचना भेज दी गई है। शेष 666 पदों के लिए विभाग के द्वारा जीपीएससी से अधियाचना की गई है।

180 सहायक प्राध्यपकों व 96 विशेषज्ञ फैकल्टी

राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 180 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की जाएगी, जिनमें 155 पद नियमित तथा 25 पद बैकलॉग श्रेणी के हैं। ये नियुक्तियां 24 विभिन्न विभागों में की जाएंगी, जिनमें मेडिसिन, सर्जरी, निश्चेतना, स्त्री एवं प्रसव रोग तथा शिशु रोग जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं।

इसके साथ ही राज्य के पांच प्रमुख मेडिकल कॉलेजों धनबाद, जमशेदपुर, हजारीबाग, पलामू और दुमका में सुपर स्पेशियलिटी विभागों को सशक्त बनाने के लिए 96 विशेषज्ञ फैकल्टी की नियुक्ति की जाएगी। इन पदों में न्यूरो सर्जरी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी और ऑन्कोलॉजी जैसे अत्याधुनिक चिकित्सा क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। इस पहल से राज्य में जटिल एवं गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को अन्य राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें अपने ही राज्य में उन्नत उपचार सुविधाएं मिल सकेंगी।

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226 फिजिशियन व 224 शिशु रोग विशेषज्ञ

इसी तरह विभिन्न जिला एवं अनुमंडल अस्पतालों में 666 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी, जिनमें 506 पद नियमित तथा 160 पद बैकलॉग के हैं। इस संबंध में विभाग के द्वारा कार्मिक विभाग को पत्र लिखा गया है कि जेपीएससी को अधियाचना की जाय ताकि नियमित नियुक्ति हो सके। इनमें सर्वाधिक पद फिजिशियन (226) और शिशु रोग विशेषज्ञ (224) के हैं, जबकि निश्चेतक और स्त्री रोग विशेषज्ञ के पद भी उल्लेखनीय संख्या में शामिल हैं।

यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है। हम आपको बता दें कि इसके अतिरिक्त 335 चिकित्सा पदाधिकारियों की भी नियुक्ति की जानी है, जो प्रक्रियाधीन है।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार

यह व्यापक बहाली प्रक्रिया न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाएगी, बल्कि राज्य के ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित करेगी। सरकार द्वारा इस वृहद बहाली प्रक्रिया को तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिससे चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं दोनों को समान रूप से मजबूती मिल सके। यह प्रक्रिया झारखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा नियमावली 2018 (संशोधित 2021) तथा राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के नवीनतम मानकों 2025 के अनुरूप संपन्न होगी, जिससे मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बहाली अभियान झारखण्ड की स्वास्थ्य व्यवस्था में गुणात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है। इससे न केवल चिकित्सा संस्थानों में मानव संसाधन की कमी दूर होगी, बल्कि मरीजों को समय पर बेहतर और विशेषज्ञ उपचार भी उपलब्ध हो सकेगा। सरकार की इस पहल से यह स्पष्ट है कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए उन्हें राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो आने वाले समय में झारखण्ड को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगा।

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एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
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