रांची : झारखंड पुलिस के एक और वरिष्ठ और सफल अधिकारी को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी मिलने जा रही है। राज्य में माओवादी विरोधी अभियानों को निर्णायक दिशा देने वाले 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी अमोल वीनुकांत होमकर को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) के पद पर नियुक्त किया जाएगा। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को औपचारिक सूचना भेज दी है।
गृह मंत्रालय द्वारा 26 दिसंबर को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि अमोल वीनुकांत होमकर की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए सक्षम प्राधिकार ने सहमति दे दी है। मंत्रालय ने राज्य सरकार से उन्हें जल्द विरमित (रिलीव) करने का अनुरोध किया है, ताकि वे सीआरपीएफ में आईजी के पद पर कार्यभार संभाल सकें। यह नियुक्ति डेपुटेशन (प्रतिनियुक्ति) के आधार पर की जा रही है। अमोल वीनुकांत होमकर झारखंड कैडर के तेज-तर्रार और अनुभवी अधिकारियों में गिने जाते हैं। वे झारखंड पुलिस में आईजी अभियान के पद पर रहते हुए राज्य में चल रहे माओवादी विरोधी अभियानों के प्रभावी संचालन के लिए जाने जाते हैं। उनके कार्यकाल में सुरक्षा बलों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला, जिससे कई संवेदनशील क्षेत्रों में हालात सामान्य हुए।
आईजी अभियान के रूप में उनके नेतृत्व में झारखंड के बूढ़ा पहाड़, बुलबुल जंगल, पारसनाथ और ट्राई जंक्शन जैसे माओवादी प्रभावित क्षेत्रों को उग्रवादियों से मुक्त कराने में अहम सफलता मिली। इसी अवधि में माओवादियों के खिलाफ बड़े ऑपरेशन चलाए गए, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए। उनके कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियों में एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी नेता प्रशांत बोस की गिरफ्तारी शामिल है। इसके अलावा, दूसरे एक करोड़ के इनामी माओवादी प्रयाग मांझी उर्फ विवेक को मुठभेड़ में मार गिराया गया। इन कार्रवाइयों से राज्य में माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा और सुरक्षा स्थिति में सुधार हुआ।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीआरपीएफ में आईजी के रूप में उनकी नियुक्ति को सुरक्षा बलों के लिए अहम माना जा रहा है। सीआरपीएफ देश की आंतरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और ऐसे में माओवादी विरोधी अभियानों का अनुभव रखने वाले अधिकारी की तैनाती संगठन के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि अमोल वीनुकांत होमकर का अनुभव और रणनीतिक समझ सीआरपीएफ के अभियानों को मजबूती देगी। वहीं, झारखंड पुलिस के लिए यह एक उपलब्धि मानी जा रही है कि उसके एक अधिकारी को केंद्रीय बल में इतने महत्वपूर्ण पद पर जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।

