रांची : राज्यसभा की दो सीटों के लिए 18 जून को होने वाले चुनाव में कांग्रेसी उम्मीदवार के नाम की घोषणा से राज्य की सियासत में हलचल तेज है, खासकर सत्ताधारी इंडिया गठबंधन के मुख्य घटक झामुमो में काफी बैचेनी है. इसे लेकर शुक्रवार को सीएम आवास में जेएमएम नेताओं, विधायकों व मंत्रियों के साथ सीएम हेमंत सोरेन ने बैठक भी की. बैठक के बाद जेएमएम ने प्रेस कांफ्रेंस कर राज्यसभा की दोनों सीटों पर अपनी दावेदारी पेश की है. वहीं राजद ने भी इस मामले में अब तक महागठबंधन के अंदर कोई बातचीत नहीं होने की बात कही है।
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कांग्रेस के एकतरफा फैसले में प्रणव झा को अपना उम्मीदवार घोषित करने के बाद से झामुमो में शुक्रवार को काफी नाराजगी देखी गई तो वहीं कांग्रेस के अंदर भी उम्मीदवार के चयन को लेकर असंतोष की चिंगारियां सुलगने लगी हैं. इस शह-मात के खेल के बीच अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के. राजू के बीच शनिवार को होने वाली हाई-प्रोफाइल बैठक पर टिक गई हैं.
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हेमंत सोरेन से वरीय नेताओं की बातचीत
शनिवार को आयोजित कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद सियासी गलियारों में हलचल और तेज हो गई. बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने गठबंधन को बचाने की कोशिश करते हुए कहा, बात सिर्फ एक राज्यसभा सीट की नहीं है, बल्कि बात भाजपा जैसी सांप्रदायिक ताकत को एकजुट होकर रोकने की है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जब हमारे प्रभारी और वरिष्ठ नेताओं की बात होगी, तो सारी चीजें पूरी तरह स्पष्ट हो जाएंगी.
उन्होंने यह भी माना कि झामुमो और कांग्रेस के बीच जो कड़वाहट या खाई पैदा हुई है, उसे पाटने का गंभीर प्रयास किया जा रहा है. इसी बीच कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए पार्टी विधायकों को दो टूक कह दिया है कि हाईकमान का जो भी फैसला है, उसे पार्टी के हर विधायक को हर हाल में मानना होगा.
कांग्रेस के भीतर असंतोष
दिलचस्प बात यह है कि इस फैसले से सिर्फ झामुमो ही नाराज नहीं है, बल्कि कांग्रेस के भीतर भी अंतर्कलह खुलकर सामने आ गई है. प्रणव झा को टिकट मिलने के बाद पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखा, जिससे उनकी असहमति और दुख साफ झलक रहा है. वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने तो सोशल मीडिया पर खुलेआम अपनी गहरी नाराजगी दर्ज कराई है. अल्पसंख्यक कोटे से दावेदारी ठोक रहे शहजादा अनवर ने टिकट न मिलने पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी में अकलियत का सम्मान नहीं हुआ.


