इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के नंदलालपुरा इलाके में बुधवार को एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। किन्नर समुदाय के दो गुटों के बीच लंबे समय से चल रहा झगड़ा आखिरकार इतना बढ़ गया कि एक गुट से जुड़े करीब 24 किन्नरों ने जहर पी लिया। कुछ किन्नरों ने तो खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की भी कोशिश की। कई किन्नरों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
कैसे हुई घटना
यह घटना अचानक उस समय हुई जब किन्नर समुदाय के दोनों गुटों के बीच बहस और झगड़ा शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि यह झगड़ा इलाके में कमाई को लेकर था। दोनों गुटों के बीच कई दिनों से तनाव चल रहा था। बुधवार को स्थिति इतनी बिगड़ गई कि एक गुट से जुड़े लगभग 24 किन्नरों ने गुस्से में आकर जहर पी लिया। कुछ ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की भी कोशिश की।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों ने पुलिस को खबर दी। थोड़ी ही देर में पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और सभी घायलों को एमवाय अस्पताल (MY Hospital) भेजा गया। वहां डॉक्टरों की टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया।
किन्नरों ने क्या पिया था?
पुलिस की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि किन्नरों ने फिनायल जैसा जहरीला पदार्थ पिया था। यह वही पदार्थ है जो अक्सर घर की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है और अगर कोई इसे पी ले तो यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने कौन-सा रसायन पिया, लेकिन जांच में यह बात सामने आई है कि यह किसी सफाई वाले ज़हरीले पदार्थ जैसा था। उन्होंने कहा कि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि वास्तव में क्या पिया गया था और कितनी मात्रा में।
विवाद की असली वजह
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला आपसी गुटबाजी से जुड़ा है। किन्नर समुदाय के दो गुटों के बीच लंबे समय से झगड़ा चल रहा है। झगड़े की वजह इलाके में “कमाई और स्त्रोत” की सत्ता को लेकर विवाद बताया जा रहा है।
कहा जा रहा है कि किसे किस इलाके में जाकर कार्यक्रम करने और पैसे इकट्ठा करने की अनुमति है — इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा। धीरे-धीरे यह झगड़ा इतना बढ़ गया कि दोनों गुटों के बीच रिश्ते बहुत खराब हो गए।
कुछ समय पहले इसी विवाद से जुड़ा एक और मामला सामने आया था, जिसमें दो मीडियाकर्मियों पर एक किन्नर के साथ गलत हरकत करने का आरोप लगा था। उस समय एसआईटी (Special Investigation Team) बनाई गई थी ताकि जांच हो सके, लेकिन एक वरिष्ठ अधिकारी के ट्रांसफर के बाद जांच रुक गई और मामला अधर में लटक गया।
एमवाय अस्पताल में डॉक्टरों की एक विशेष टीम बनाई गई है जो सभी प्रभावित किन्नरों का इलाज कर रही है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, फिलहाल सभी मरीजों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन कुछ की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस ने कहा है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस झगड़े की शुरुआत किसने की और किन्नरों को इस तरह का कदम उठाने के लिए किसने उकसाया।
पुलिस यह भी देख रही है कि क्या किसी ने उन्हें जहर पीने के लिए मजबूर किया था या यह सब उन्होंने खुद गुस्से और तनाव में किया।
इलाके में चिंता का माहौल
नंदलालपुरा इलाका, जो आम तौर पर शांत रहता है, इस घटना के बाद सहम गया है। आसपास के लोगों ने पहली बार इतना बड़ा हादसा देखा। कई लोगों ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से दोनों गुटों के बीच झगड़े की आवाजें अक्सर सुनाई देती थीं, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि बात इतनी बढ़ जाएगी।
समाज के लिए एक संदेश
यह घटना समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि आंतरिक मतभेद और सत्ता संघर्ष किस हद तक नुकसान पहुंचा सकते हैं। किन्नर समुदाय, जो समाज का एक खास और सम्मानित हिस्सा है, उसमें इस तरह की घटनाएँ चिंता का विषय हैं।
सरकार और प्रशासन से लोगों की यही अपील है कि इस मामले की पूरी जांच हो और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएँ।इंदौर की यह घटना दिखाती है कि आपसी विवाद कभी-कभी कितना बड़ा और खतरनाक रूप ले सकता है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और अस्पताल में सभी किन्नरों का इलाज जारी है।


