रांची : प्रतिबंधित कफ सिरप के अवैध कारोबार के खिलाफ रांची पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पूरे नेटवर्क की गहन जांच के लिए पुलिस ने आठ सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस एसआईटी का नेतृत्व ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर कर रहे हैं, जबकि सिटी डीएसपी केबी रमन को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह तथ्यों और सबूतों के आधार पर आगे बढ़ेगी।
Highlights:
यूपी क्राइम ब्रांच की सूचना से हुआ खुलासा
इस पूरे मामले का खुलासा यूपी क्राइम ब्रांच से मिली पुख्ता सूचना के बाद हुआ। सूचना के आधार पर रांची पुलिस ने मांडर थाना क्षेत्र में एक ट्रक को पकड़ा, जिसमें 13,000 से अधिक प्रतिबंधित कफ सिरप की बोतलें बरामद की गईं। इतनी बड़ी मात्रा में कफ सिरप की बरामदगी के बाद पुलिस को एक संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने का शक हुआ।
नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस
बरामदगी के बाद रांची पुलिस ने मामले की तह तक जाने का फैसला किया। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि प्रतिबंधित कफ सिरप कहां से लाया गया, किसके लिए भेजा जा रहा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। एसआईटी को इस पूरे नेटवर्क की हर कड़ी को जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तुपुदाना इंडस्ट्रियल एरिया में फिर छापेमारी
जांच के क्रम में मंगलवार को पुलिस ने तुपुदाना इंडस्ट्रियल एरिया स्थित सैली ट्रेडर्स कंपनी पर एक बार फिर छापेमारी की। सिटी डीएसपी के नेतृत्व में चल रही इस कार्रवाई के दौरान कंपनी से जुड़े तीन अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई। पुलिस टीम ने मौके से कई दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर और लेन-देन से जुड़े कागजात खंगाले।
दस्तावेज और लेन-देन की जांच
पुलिस अधिकारी कंपनी के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रहे हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि प्रतिबंधित कफ सिरप की सप्लाई कब से और किन-किन राज्यों में की जा रही थी। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इसमें किन लोगों की भूमिका थी और पैसों का लेन-देन किस तरीके से किया गया।
ED भी कर चुकी है छापेमारी
गौर करने वाली बात यह है कि कुछ दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इसी कंपनी पर छापेमारी की थी। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से मामले की जांच की थी। इससे साफ है कि यह मामला सिर्फ अवैध कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार आर्थिक अपराधों से भी जुड़े हो सकते हैं।
कंपनी मालिक पर भी जांच की नजर
बताया जा रहा है कि सैली ट्रेडर्स कंपनी तुपुदाना निवासी भोला प्रसाद की है। पुलिस अब कंपनी मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह देखा जा रहा है कि कंपनी के जरिए प्रतिबंधित कफ सिरप का कारोबार कब से और कैसे किया जा रहा था।
SIT करेगी समन्वित जांच
एसआईटी के गठन के बाद अब जांच को और गति मिलने की उम्मीद है। एसआईटी अलग-अलग एजेंसियों से मिली सूचनाओं को जोड़कर एक समन्वित जांच करेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों से भी सहयोग लिया जाएगा।
आगे क्या होगी कार्रवाई
रांची पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रतिबंधित कफ सिरप के अवैध कारोबार को पूरी तरह खत्म करना पुलिस की प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


