राँची : झारखंड में शराब घोटाला मामले की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी एसीबी ने पूर्व आयुक्त उत्पाद व झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) के पूर्व एमडी आईएएस अधिकारी अमीत कुमार से मंगलवार के बाद बुधवार को भी पूछताछ कर रही है. अमीत कुमार वर्तमान में वाणिज्य कर आयुक्त के पद पर पदस्थापित हैं. इससे पहले मंगलवार को हुई पूछताछ में पूर्व उत्पाद आयुक्त के जवाबों से एसीबी अंसंतुष्ट है, जिसके बाद बुधवार को पूछताछ के लिए फिर से उपस्थित होने को कहा गया था।
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एसीबी के जांच अधिकारी मुख्य रूप से राज्य में मई 2022 में लागू की गई उत्पाद नीति के संदर्भ में सवाल कर रहे हैं. राज्य की नई उत्पाद नीति में छत्तीसगढ़ की उन ब्लैकलिस्टेड प्लेसमेंट एजेंसियों और शराब कारोबारियों को झारखंड में काम करने की अनुमति कैसे दी गई? वैसी कंपनियों को झारखंड के शराब कारोबार में क्यों शामिल किया गया, जिन पर बाद में घोटाले के गंभीर आरोप लगे? एसीबी इन्हीं महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आईएएस अमीत कुमार से जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है. अब तक एसीबी को उसके प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर नहीं मिल सका है.
बाबूलाल मरांडी ने लगाया आरोप
इधर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में हुए शराब घोटाले पर राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अब एक बार फिर से किसी सरकारी अधिकारी की बलि देकर ख़ुद को बचाने की योजना मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बना रहे हैं। लेकिन जिस तरह इनके घोटालों की संख्या बढ़ रही है, सरकारी अधिकारियों की गिनती इनके सामने कम पड़ जाएगी। शराब घोटाले में पहले 38 करोड़, फिर 70 करोड़ और अब 136 करोड़ का नुकसान सामने आया है। ACB का शिकंजा असल गुनाहगारों तक पहुँचे या नहीं, केंद्र की एजेंसियों द्वारा इस मामले की स्वतंत्र व निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित की जाएगी।


