गयाजी: बिहार के गयाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाईलैंड से लाई जा रही करीब 25 करोड़ रुपये की हाइड्रोपोनिक वीड्स (थाई गांजा) जब्त की है। इस मामले में पांच अंतरराष्ट्रीय तस्करों को हिरासत में लिया गया है। सभी आरोपी थाई एयर एशिया की फ्लाइट FD-122 से गयाजी पहुंचे थे। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के खिलाफ इस साल की बड़ी सफलताओं में गिनी जा रही है।
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कैसे पकड़े गए तस्कर
सोमवार देर रात जैसे ही थाई एयर एशिया की फ्लाइट FD-122 गयाजी एयरपोर्ट पर उतरी, कस्टम विभाग की टीम पहले से अलर्ट मोड में थी। नियमित जांच के दौरान जब यात्रियों के बैग एक्स-रे मशीन से स्कैन किए गए, तो कुछ बैग संदिग्ध दिखाई दिए। इसके बाद कस्टम अधिकारियों ने उन बैगों को अलग कर गहन जांच शुरू की। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ और तस्करी की पूरी साजिश सामने आ गई। कस्टम अधिकारियों ने पाया कि हाइड्रोपोनिक वीड्स को खिलौनों के डिब्बों में बेहद शातिर तरीके से छिपाया गया था। ऊपर से खिलौनों के छोटे-छोटे पार्ट्स रखकर पैकिंग की गई थी, ताकि किसी को शक न हो। जब डिब्बों को पूरी तरह खोला गया, तो उनमें से नशीला पदार्थ बरामद हुआ। सूत्रों के अनुसार कुल करीब 25 किलो हाइड्रोपोनिक वीड्स जब्त की गई है।
कौन हैं पकड़े गए आरोपी
हिरासत में लिए गए आरोपियों की पहचान अश्विनी कुमार द्विवेदी (उत्तर प्रदेश), गौरव विधुरी, गुलशन मीना, मनप्रीत कौर (पंजाब), दिलप्रीत कौर (पंजाब) इस प्रकार हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि उत्तर प्रदेश का रहने वाला अश्विनी कुमार द्विवेदी इस पूरे गिरोह का सरगना है। बाकी आरोपी देश के अलग-अलग राज्यों से हैं। इनमें तीन पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। पुलिस और कस्टम अधिकारियों के अनुसार, सभी आरोपी अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी से जुड़े हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है, जो विदेश से नशीले पदार्थ भारत लाकर सप्लाई करता है। नेटवर्क के अन्य सदस्यों, सप्लाई चेन और भारत में डिलीवरी पॉइंट को लेकर गहन पूछताछ जारी है। कागजी कार्रवाई भी पूरी की जा रही है।
क्या है हाइड्रोपोनिक वीड्स
हाइड्रोपोनिक वीड्स, जिसे मरिजुआना की एक खास किस्म माना जाता है, हाइड्रोपोनिक तकनीक से उगाई जाती है। यह जमीन की बजाय पानी, खासकर समुद्री पानी में उगती है। इसमें पारंपरिक गांजे की तुलना में नशे की मात्रा कहीं अधिक होती है। इसमें THC लेवल बहुत ऊंचा होता है, जिसकी वजह से यह ज्यादा खतरनाक मानी जाती है। भारत में हाइड्रोपोनिक वीड्स पूरी तरह बैन है। ज्यादा नशा, ऊंचा रिस्क और अवैध तस्करी के कारण इसकी कीमत करोड़ों में होती है। रेव पार्टियों और हाई-प्रोफाइल नशेड़ियों के बीच इसकी मांग ज्यादा रहती है। यह गांजा आमतौर पर थाईलैंड, कनाडा और अमेरिका जैसे देशों में उगाया जाता है और फ्लाइट के जरिए ही इसकी सप्लाई की जाती है। गयाजी एयरपोर्ट पर हुई इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी पर कड़ी नजर रखी जा रही है और आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ाया जाएगा। यह कार्रवाई न सिर्फ तस्करों के लिए बड़ा झटका है, बल्कि एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था की सतर्कता को भी दर्शाती है।


