चंडीगढ़: बाघापुराना में पंचायत समिति चुनाव को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 28 मार्च को चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनाव दोबारा कराने के आदेश दिए हैं, साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया जिला प्रशासन की निगरानी में पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हो। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए कोर्ट ने वकील जसजत कौर को ऑब्जर्वर नियुक्त किया है। कोर्ट ने कहा है कि पूरे चुनाव की वीडियोग्राफी करवाई जाएगी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचा जा सके। ऑब्जर्वर चुनाव के बाद अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश करेंगी।
Highlights:
सुरक्षा और सुविधा के निर्देश
कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि ऑब्जर्वर को इनोवा गाड़ी से बाघापुराना लाया जाए और पंजाब पुलिस द्वारा उन्हें पूरी सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। ऑब्जर्वर की फीस याचिकाकर्ता द्वारा दी जाएगी। सुनवाई के दौरान भवनदीप (SDM) और डीसी के बीच चल रहे विवाद पर भी चर्चा हुई। SDM अदालत में पेश हुए, जहां कोर्ट ने उनसे उनके पत्र के लीक होने को लेकर सवाल किए।
कोर्ट ने SDM से पुछा कि उनका शिकायत पत्र सार्वजनिक कैसे हो गया। अदालत ने कहा कि इस तरह की संवेदनशील जानकारी का सार्वजनिक होना गंभीर मामला है। कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसी शिकायतों को सार्वजनिक करने के बजाय मुख्य सचिव के पास रखा जाना चाहिए था। सुनवाई में यह भी सामने आया कि SDM का पत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया था। कोर्ट ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकारी दस्तावेजों का इस तरह दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
यह भी पढ़ें: अंबिकापुर में 7 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाया, 37 मकान तोड़े, विरोध में पथराव
SDM ने दी सफाई
SDM ने कोर्ट में जवाब दिया कि जब उन्होंने पत्र लिखा था, उस समय वे मानसिक रूप से ठीक स्थिति में नहीं थे। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि एक अनुभवी अधिकारी होने के नाते उन्हें प्रक्रिया की जानकारी होनी चाहिए थी। हाईकोर्ट के इस फैसले से बाघापुराना के चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है। साथ ही, प्रशासनिक अधिकारियों को भी जिम्मेदारी और प्रक्रिया का पालन करने का संदेश दिया गया है।

